जनसत्ता- दुनिया मेरे आगे
दुनिया मेरे आगे: सोशल मीडिया पर दिखावे का जीवन, लोगों की प्रशंसा पाने के लिए गढ़ते हैं झूठी छवि

हमारी पहचान जीवन के अलग-अलग पहलुओं पर निर्भर करती है। हर व्यक्ति की अपनी कई तरह की पहचान होती है…

trump order to make iron dome, iron dome,
Blog: अमेरिकी इतिहास के सबसे विवादास्पद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, विरोधियों के खिलाफ संघीय सरकार का इस्तेमाल

अब अमेरिका में यह आशंका भी गहरा गई है कि ट्रंप संघीय सरकार का इस्तेमाल अपने राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ…

India Indonesia Relations
संपादकीय: भारत-इंडोनेशिया के बीच संबंध पुराना, दोनों देशों का एक दूसरे के प्रति सहयोग का नया सफर

आतंकवाद के खिलाफ मोर्चा लेने के संदर्भ में भारत के साथ इंडोनेशिया का मुखर होना अहम है। साथ ही सांस्कृतिक…

Uttarakhand Firing
संपादकीय: पूर्व और वर्तमान विधायक के बीच जमकर हुई फायरिंग, सियासत में बाहुबल के नाम पर अपराधी बनते हैं सफेदपोश

राजनेता का आचरण बहुत मायने रखता है। उसके व्यवहार का अनुकरण उसके समर्थक भी करते हैं। अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं…

जनसत्ता- दुनिया मेरे आगे
दुनिया मेरे आगे: आंसुओं का महत्त्व केवल भावनाओं को व्यक्त करने तक सीमित नहीं, मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए भी आवश्यक

दूसरों के दुख देखकर बहने वाले आंसू मानवीय संवेदनाओं का सबसे सुंदर और कोमल रूप हैं। किसी की परेशानी देखकर…

Election laborers Demand
Delhi Election: चुनावी रैलियों के बीच बढ़ी मजदूरों की मांग, मंडियों में दिहाड़ी करने वालों का हो गया अभाव

राजनीतिक दलों का प्रचार करने के लिए दिहाड़ी मजदूरों को अच्छी खासी दिहाड़ी मिल रही है। रैलियों में पार्टियों द्वारा…

Mumbai terror attack Tahawwur Rana
संपादकीय: मुंबई आतंकी हमले में इंसाफ का कठघरा, अमेरिकी कोर्ट ने खारिज की तहव्वुर राणा की याचिका

मुंबई हमले में जिनके परिजन मारे गए थे, उनकी पीड़ा जगजाहिर है। अजमल कसाब को उसके किए की सजा मिल…

JPC, parliamentary committees
संपादकीय: संसदीय समितियों में सहमति की बजाय हो रहा हंगाम, लोकसभा अध्यक्ष को भेजी गई लिखित शिकायत

सरकार के पिछले कार्यकाल के वक्त भी संसदीय समितियों के गठन और उनके अध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर खासा विवाद…

Sudhish Pachauri column
सुधीश पचौरी का कॉलम बाखबर: दिल्ली चुनाव, सैफ का विवाद और आहत भावनाओं का दौर, क्या इस बार भावनाओं की राजनीति हावी?

अब तक सामने आई खबरें बताती हैं कि इस बार दिल्ली का चुनाव अपेक्षाकृत अधिक खुला कवरेज पा रहा है।…

Rakesh Sinha ka Blog, Ravivari Stambh
Blog: डायरी और चिट्ठी- क्या लेखनी से फिर जागेगी आत्मसंघर्ष और मौलिकता की परंपरा?

हम जब कुछ लिखते हैं तो स्वयं से संघर्ष करते हैं। मन-मस्तिष्क में द्वंद्वात्मक भाव रहता है। फिर यथार्थ को…

तवलीन सिंह का कॉलम वक्त की नब्ज: बड़ा सवाल- क्या देशभक्ति और राष्ट्रवाद का फर्क समझने का आ गया है वक्त?

राष्ट्रवाद इतना तंगनजर है कि पिछले दशक में अचानक हमें दिखने लगे हैं ऐसे लोग, जो खुल कर कहते हैं…

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