Weightlifter पूनम यादव (Punam yadav) बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों (bermingham commonwealth games) में भारत (india) के लिए स्वर्ण पदक (gold medal) जीतने वाले पसंदीदा खिलाड़ियों में से एक थीं। उन्होंने गोल्ड कोस्ट में हुए पिछले संस्करण में स्वर्ण पदक जीता भी था, लेकिन 76 किग्रा भारोत्तोलन फाइनल पूनम के साथ-साथ देश के लिए भी दिल तोड़ने वाला साबित हुआ। पूनम ने स्नैच में 98 किग्रा भार उठाया और दूसरे स्थान पर
रहीं। हालांकि, क्लीन एंड जर्क में पूनम के तीनों प्रयासों को ‘नो लिफ्ट’ (no lift) माना गया। अब ‘नो लिफ्ट’ को लेकर विवाद गहरा गया है।एक ओर पूनम यादव का कहना है कि उन्होंने ज्यूरी (कई रेफरियों का दल) की ओर से सकारात्मक संकेत मिलने के बाद बार को फर्श पर छोड़ा। वहीं, भारतीय भारोत्तोलन महासंघ (IWLF) (आईडब्ल्यूएलएफ) ने अपनी ही वेटलिफ्टर पर पदक गंवाने का दोष मढ़ दिया। आईडब्ल्यूएलएफ का कहना है कि पूनम यादव ने इंजरी के बावजूद इतने बड़े टूर्नामेंट में हिस्सा लिया और देश को एक पदक से मरहूम कर दिया
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