1984 के चुनावों में कांग्रेस ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। उस चुनाव में विपक्ष के तमाम दिग्गज नेता भी हार गए थे, जिसमें रामविलास पासवान भी शामिल थे। उन्हें हाजीपुर की अपनी सीट गंवानी पड़ी थी। पासवान ने अपने बच्चे का एडमिशन दिल्ली के स्कूल में करवा दिया था तो वो वापस बिहार भी नहीं लौट सकते थे।