कांग्रेस में गुटबंदी तेज होती जा रही थी और पार्टी की लोकप्रियता घटती जा रही थी। सबसे बड़ा मतभेद तो पार्टी के दो कद्दावर नेताओं, पंडित जवाहर लाल नेहरू और वल्लभ भाई पटेल में था। साल 1949 के आखिरी में ये मतभेद खुलकर सामने आया, जब देश के पहले राष्ट्रपति का चुनाव होना था।