जब सेंसरशिप के विरोध में The Indian Express ने खाली छोड़ दी थी संपादकीय की जगह | Emergency 1975

Emergency 1975: 25 जून 1975 को तत्कालिन इंदिरा गांधी सरकार (Indira Gandhi Government) ने देश में आंतरिक आपातकाल (Emergency 1975) लागू कर दिया था। कांग्रेस (Congress) की उस सरकार में इंदिरा (Indira Gandhi) के बेटे संजय गांधी (Sanjay Gandhi) पावरफुल भूमिका में थे और कहा जाता है कि प्रेस पर सेंसरशिप (Press Censorship ) लगाने का आइडिया उन्हीं का था। मगर द इंडियन एक्सप्रेस अखबार (The Indian Express News Paper)

और उसके संस्थापक श्री रामनाथ गोयनका (Ramnath Goenka) ने सरकारी सेंसरशिप की उस चाबुक के डरने के बजाए, खुलकर विरोध करना बेहतर समझा। आपातकाल की घोषणा के तुरंत बाद इंडियन एक्सप्रेस समाचार पत्र ने संपादकीय की जगह को खाली (Blank Editorial) छोड़कर ऐलान कर दिया कि पत्रकारिता (Journalism) के मूल्यों के साथ समझौता नहीं किया जाएगा। उन्हीं रामनाथ गोयनका की याद में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) की सरकार नोएडा सेक्टर 10 की सड़क का नाम रामनाथ गोयनका मार्ग (Ramnath Goenka Marg) करने जा रही है, जहां आज इंडियन एक्सप्रेस समूह का दफ्तर स्थित है।

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