पुलिस हिरासत में पिटाई और मौतों को बर्दास्त नहीं करेगा देश: सुप्रीम कोर्ट

Supreme Court On Custodial violence & Death: सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस थानों में होने वाली हिंसा और मौतों को लेकर बेहद सख्त टिप्पणी करते हुए कहा है कि हिरासत में किसी भी तरह की हिंसा नहीं की जा सकती। अदालत ने साफ कहा कि पुलिस खुद जज बनकर फैसला नहीं कर सकती, और देश ऐसे मामलों को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगा। सुप्रीम कोर्ट की यह टिप्पणी देशभर की कानून व्यवस्था

और मानवाधिकारों पर एक बड़ा संदेश है। हाल के वर्षों में बढ़ते कस्टोडियल डेथ और पुलिस क्रूरता के मामलों ने गंभीर चिंता पैदा की है। अदालत ने राज्यों और पुलिस प्रणाली को चेतावनी दी है कि कानून के नाम पर अत्याचार किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं होगा।

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