प्रदर्शनकारियों को सख्ती से कुचलने की सरकारी नीति का उल्टा असर हुआ…देश का हर खासो आम अब खुलकर सरकार का विरोध करने लगा। धार्मिक संस्थानों से लेकर पूर्व क्रिकेटरों और कई बड़ी हस्तियों ने जनता का समर्थन किया और सरकार का विरोध…विरोध और संघर्ष की ये कहानी 4 महीनों तक चलती रही और 13 जुलाई 2022 को ताकत के बल पर जनता को कुचलने का ख्वाब देखने वाले राष्ट्रपति गोटाबोया
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