वित्त मंत्री अरुण जेटली बोले- “नोटबंदी के बाद राजस्व में 14% इज़ाफा, नुकसान की अटकलें लगाने वाले गलत साबित हुए”

नोटबंदी के 50 दिनों पर वित्त मंत्री अरुण जेटली सियासी बही-खाता पलट दिया है। अरुण जेटली ने एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा कि आरबीआई के पास काफी ज़्यादा करंसी उपलब्ध है, लोगों को घबराने की ज़रूरत नहीं है। बड़े पैमाने पर करंसी बदली जा रही है और 500 रुपए के और ज़्यादा नोट जारी किए जा रहे हैं। जेटली ने कहा कि बैंकों की कर्ज़ देने की क्षमता भी

बढ़ी है। उन्होंने कहा कि 19 दिसंबर तक जीवन बीमा कारोबार, पेट्रोलियम उपभोग बढ़ा है साथ ही पर्यटन और म्युचुअल फंड्स में निवेश में भी बढ़ोत्तरी हुई है। वित्त मंत्री जेटली ने कहा कि डायरेक्ट टैक्सेज़ में 13.6 प्रतिशत की कुल बढ़ोत्तरी देखी गई है। साथ ही उन्होंने भारत के लोगों का शुक्रिया अदा किया कि भारत के लोगों ने नोटबंदी के कदम का समर्थन किया है। जेटली ने कहा कि नोटबंदी पर आलोचक गलत साबित हुए कि नोटबंदी का जीडीपी पर एक या दो तिमाही पर उल्टा असर हो सकता है, लेकिन यह उतना बुरा नहीं होगा जैसी आशंका जताई जा रही थी। वहीं पुराने नोट रखने पर स्थिति स्पष्ट करते हुए जेटली ने कहा कि ऐसा करने पर जेल की सज़ा का प्रावधान नहीं किया गया है। यानि कि 31 मार्च 2017 के बाद 500 और 1000 रुपए के 10 से ज़्यादा नोट रखने पर कम से कम 10 हज़ार रुपए जुर्माना लगाया जाएगा।

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