Ramesh Bidhuri Speech: नये संसद में क्यों भूल गए Atal Bihari Vajpayee को मानने वाले संसदीय परंपरा

Ramesh Bidhuri Speech: ये बातें हम संसद के बारे में बचपन से सुनते आ रहे हैं…संसद में तीखी नोक-झोंक की कहानियां भी सुनी है… चाहे वह नेहरू (Jawaharlal Nehru) और अटल बिहारी (Atal Bihari Vajpayee) के बीच की हो… या फिर अटल बिहारी और राजीव गांधी (Rajiv Gandhi) के बीच की… या फिर चंद्रशेखर (Chandrashekhar) और अटल जी के बीच हो…या फिर लालू (Lalu Yadav), मुलायम (Mulayam Singh Yadav) समेत

बीजेपी (BJP) के तमाम नेताओं के साथ नोकझोंक क्यों न हो… लेकिन इस संसद में कभी भी किसी धर्म को लेकर अमर्यादित टिप्पणी नहीं की गई…या फिर कोई ऐसी टिप्पणी नहीं हुई… जिस पर कोई सांसद भावुक होकर ये कहने को मजबूर हो जाए कि… मुझे लगता है अब संसद छोड़ देना चाहिए…

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