नोटबंदी पर पहली बार बोले राष्ट्रपति; कहा- “कुछ वक्त के लिए अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है असर”

नोटबंदी के लागू होने के बाद राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने पहली बार इस पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि नोटबंदी का असर अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। इस फैसले से अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी पड़ सकती है। लेकिन ये असर कुछ वक्त के लिए ही रहेगा। राष्ट्रपति ने कहा िक कालेधन और भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए, लिए गए नोटबंदी के फैसले से कुछ वक्त के लिए भारत की

अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी हो सकती है। साथ ही राष्ट्रपति ने सरकार से नोटबंदी के कारण गरीबों को होने वाली परेशानियों के लिए सावधान रहने के लिए कहा है। राष्ट्रपति मुखर्जी ने कहा कि वह इस बात से इत्तेफाक रखते हैं कि गरीबों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की कोशिशें हो रही हैं और संभवत: नोटबंदी से लंबे समय में गरीबों को फायदा होगा। राष्ट्रपति ने साथ ही ये संदेह जताया कि गरीब इतना लंबा इंतज़ार नहीं कर सकते। इसलिए ज़रूरी है कि उन्हें तत्काल प्रभाव से मदद मुहैया करवाई जानी चाहिए, ताकि वे भी भूख, बेरोज़गारी और शोषण रहित भारत की ओर अग्रसर हो सकें। आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर को 500 और 1000 रुपए के पुराने नोटों को बंद किए जाने की घोषणा की थी और सब ठीक करने के लिए 50 दिनों की मियाद मांगी थी जो कि 30 दिसंबर को खत्म हो चुकी है।

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