अखिल भारतीय हिंदू महासभा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके नोटबंदी के फैसले की जमकर आलोचना की। महासभा के वरिष्ठ नेताओं ने प्रधानमंत्री को हिंदू-विरोधी बताया और कहा कि पीएम मोदी का यह फैसला उनके शासन के अंत की शुरुआत है। रिपोर्ट के मुताबिक, नेताओं ने कहा कि नोटबंदी का फैसला हिंदू शादियों के सीज़न से पहले लिया गया। हज़ारों परिवारों को अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से पैसे उधार लेने
के लिए मजबूर किया गया, वहीं कुछ लोगों को समारोहों को रद्द करना पड़ा। और वहीं दूसरी तरफ हिंदुत्व पार्टी कही जाने वाली बीजेपी के नेता देश में इस्लामिक बैंकों को बढ़ावा दे रहे हैं। अखिल भारतीय हिंदू महासभा की तरफ से कहा गया कि इस फैसले से अमीरों को कोई फर्क नहीं पड़ा बल्कि गरीब इस कारण पीड़ित हैं। वहीं दूसरी तरफ, उत्तर प्रदेश के प्रवक्ता अशोक कुमार पांडे ने सर्जिकल स्ट्राइक पर संदेह जताया और कहा कि इससे हमारे देश का कोई भला नहीं हुआ। आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर को देश में 500 और 1000 रुपए के पुराने नोटों को बंद करने के फैसले की घोषणा की थी जिसके बाद रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया ने 2000 और 500 रुपए के नए नोटों को जारी किया था।
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