PM Kisan Yojna से लाभ नहीं, ओलावृष्टि किसानों के लिए बनी अभिशाप, कई फसल पूरी तरह बर्बाद!| Baisakhi

मुजफ्फरनगर (muzaffarnagar news today)में पिछले 3 दिन से हो रही बेमौसम बरसात(bin mausam barsat) और ओलावृष्टि ने गेहूं और सरसों की तैयार हुई फसल के साथ- साथ फलों के बाग भी उजाड़ दिए हैं. साथ ही मार फल और सब्जियों पर भी पड़ी है. जलवायु संकट (Climate Crisis news) की वजह से भविष्य में अनाज की पैदावार पर असर पड़ेगा ये तो छिपा नहीं है. सिर्फ मौसम संबंधी आपदाएं नहीं

आएंगी. बल्कि उसका सीधा असर कृषि और फसलों पर ही है. व्यापक शहरीकरण के बावजूद हमारी 73 प्रतिशत आबादी गांवों में रहती है। इसलिए इस 73 फीसदी के बारे में सभी को जानना जरूरी है। अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों के लिए किए गए प्रयासों की तरह ही सरकार को भी इस दिशा में प्रयास करने की जरूरत है। इस आबादी के 73 फीसदी के लिए सब कुछ कृषि से जुड़ा है. किसानों की सबसे बड़ी समस्या उनके कृषि उत्पादों की कम कीमत है। हाल के एक अध्ययन से पता चला है कि उत्पादन की ऊर्जा पर आधारित उचित मूल्य निर्धारण और कृषि मजदूरी को औद्योगिक मजदूरी के बराबर करना किसानों के लिए फायदेमंद हो सकता है।

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