भारत में आर्मी की कैंटिन के लैब टेस्ट में फेल होने के बाद पतंजली उत्पादों को पड़ोसी देश नेपाल में भी बड़ा झटका लगा है। खबर के अनुसार यहां पतंजलि आयुर्वेद के छह मेडिकल प्रोडक्ट लैब टेस्ट में फैल हुए हैं। क्वालिटी टेस्ट में फैल होने के बाद सरकार ने पतंजलि उत्पादों की नेपाल में खपत पर तत्काल रोक लगा दी है। वहीं नेपाल के स्वास्थ्य मंत्रालय ने पतंजलि से अपने छह उत्पादों को वापस स्वदेश भेजने को कहा हैं। दूसरी तरफ सरकार ने देशभर में दुकानदारों से इन उत्पादों को ना बेचने की अपील की है। टेस्ट में फैल होने वाले छह मेडिकल उत्पादों में दिव्या गाशर चूर्ण, बाहुची चूर्ण, आमला चूर्ण, त्रिफाला चूर्ण, अदविया चूर्ण और अस्वानगंधा शामिल हैं। आपको बता दें कि कुल सात उत्पादों का प्रोडक्ट क्वालिटी टेस्ट किया गया जिसमें महज एक उत्पाद को नेपाल में बेचनी की हरी झंडी मिल सकी है।
वहीं इससे पहले ‘पतंजलि’ के कई उत्पाद उत्तराखंड की एक लैब द्वारा किए गए क्वालिटी टेस्ट में फेल हो गए थे। एक रिपोर्ट के अनुसार हरिद्वार की आयुर्वेद और यूनानी कार्यालय में हुई जांच में करीब 40 फीसदी आयुर्वेद उत्पाद, जिनमें पतंजलि के उत्पाद भी शामिल हैं, मानक के मुताबिक नहीं पाए गए। साल 2013 से 2016 के बीच इकट्ठा किए गए 82 सैम्पल्स में से 32 उत्पाद क्वालिटी टेस्ट पास नहीं कर सके। पतंजलि का ‘दिव्य आंवला जूस’ और ‘शिवलिंगी बीज’ उन उत्पादों में शामिल है,बतां दें कि पिछले महीने सेना की कैंटीन ने भी पतंजलि के आंवला जूस पर प्रतिबंध लगा दिया था। सेना ने यह कार्रवाई पश्चिम बंगाल स्वास्थ्य प्रयोगशाला द्वारा की गई एक गुणवत्ता जांच में पतंजलि के उत्पाद के फेल होने पर की थी।
उत्तराखंड सरकार की लैब रिपोर्ट के अनुसार, आंवला जूस में तय की गई सीमा से कम पीएच मात्रा मिला। पीएच की मात्रा 7 से कम होने पर एसिडिटी व अन्य स्वास्थ्य समस्याएं पैदा होती हैं। हालांकि रामदेव के सहयोगी और पतंजलि के मैनेजिंग डायरेक्टर आचार्य बालकृष्ण ने लैब रिपोर्ट को खारिज कर दिया है और दावा किया कि लैब रिपोर्ट पतंजलि की छवि को खराब करने की एक कोशिश है।
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