BBC और उसके एक पत्रकार पर नेश्नल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी ने लगाया 5 साल का बैन

राष्‍ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण(एनटीसीए) ने बीबीसी और पत्रकार जस्टिन रॉलेट पर देश के सभी टाइगर रिजर्व में घुसने पर पांच साल का बैन लगा दिया है। काजिरंगा नेशनल पार्क में शिकारियों के खिलाफ कड़ी नीति अपनाने पर सवाल उठाने वाली बीबीसी की डॉक्‍यूमेंटरी के सामने आने के बाद यह उठाया गया। एक रिपोर्ट के मुताबिक, बैन बीबीसी के पूरे नेटवर्क पर लगाया गया है। बता दें कि बीबीसी के दक्षिण

एशिया के संवाददाता रॉलेट ने काजिरंगा अभ्‍यारण में गैंडों पर ‘वन वर्ल्‍ड: किलिंग फॉर कंजर्वेशन’ नाम से डॉक्‍यूमेंटरी बनाई थी। इसमें गैंडों को बचाने के लिए अपनाए जा रहे कदमों पर सवाल उठाए गए थे और दावा किया गया था कि काजिरंगा के फॉरेस्‍ट गार्ड को यह अधिकार दिया गया है कि अगर उन्‍हें लगे कि गैंडों को नुकसान पहुंचाया जा सकता है कि तो वे किसी को भी गोली मार सकते हैं। जस्टिन रॉलेट ने अपनी डॉक्‍यूमेंटरी में बताया था कि फॉरेस्‍ट गार्ड को मिले इस तरह के अधिकारों के चलते गैंडों से ज्‍यादा इंसान मारे गए। पिछले साल 17 गैंडों की तुलना में 23 लोग मारे गए। वहीं केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने डॉक्‍यूमेंटरी की तीखी आलोचना करते हुए इसे पूरी तरह से गलत बताया था। काजिरंगा टाइगर रिजर्व के निदेशक सत्‍येंद्र सिंह ने बताया था कि देखते ही गोली मारने जैसी कोई नीति नहीं है। उनका आरोप है कि बीबीसी ने तथ्‍यों को गलत तरह से पेश किया और पुरानी फुटेज व इंटरव्यू को नाटकीय रूप से दिखाया।

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