महाराष्ट्र की राजनीति में इस बार स्थानीय निकाय चुनावों ने ऐसा मोड़ ले लिया है, जिसकी किसी को उम्मीद नहीं थी। 2 दिसंबर को होने वाले नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों में कई ऐसी पार्टियाँ एक-दूसरे के साथ दिख रही हैं, जिन्हें पिछले कुछ सालों में हमने कट्टर विरोधी के रूप में देखा है। सबसे बड़ा उदाहरण है—एकनाथ शिंदे की शिवसेना और उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT), जो 2022 की टूट के बाद हर चुनाव में आमने-सामने खड़ी रही थीं।
