Kapil Mishra Interview: बीजेपी का गढ़ माने जाने वाले इस सीट पर हालिया इतिहास में केवल एक बार गैर-बीजेपी जीत हुई है, जब कपिल मिश्रा ने 2015 में इस सीट से आम आदमी पार्टी (AAP) के टिकट पर जीत हासिल की थी। हालांकि, 2019 में मिश्रा ने AAP छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया। “यहां ज्यादातर वोटर यूपी, बिहार या उत्तराखंड के हैं। वे कपिल मिश्रा को भिष्ट से ज्यादा
पसंद करते हैं। इसी वजह से वह 2015 में जीते,” ऐसा कहना है 60 वर्षीय स्थानीय निवासी टीका सिंह का। मिश्रा इस बार AAP के मनोज त्यागी और कांग्रेस के पी.के. मिश्रा के खिलाफ मैदान में हैं।
मिश्रा, हालांकि, AAP सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोपों को अपनी जीत का आधार मान रहे हैं।
“हम बड़ी बढ़त के साथ जीतेंगे, और यह जीत (प्रधानमंत्री नरेंद्र) मोदीजी के लिए होगी। मैंने सबसे पहले (AAP प्रमुख अरविंद) केजरीवाल की सरकार की विफलताओं और भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया था। मैंने (कांग्रेस की पूर्व मुख्यमंत्री) शीला दीक्षित के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी और अब एक और भ्रष्ट मुख्यमंत्री के खिलाफ लड़ाई लड़ूंगा,” उन्होंने कहा। इस एक्सक्लूसिव इंटरव्यू को देखें और जानें कि उन्होंने दिल्ली दंगों पर क्या कहा, खासकर 23 फरवरी को उनके भाषण के वायरल होने के बाद।
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