पश्चिम बंगाल में एक कोर्ट ने रिवेंज पॉर्न (बदला लेने के लिए किसी की अश्लील तस्वीरें वायरल करना) के मामले में सुनवाई के दौरान अपना फैसला सुनाते वक्त कहा कि किसी लड़की की निजी तस्वीरों को सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म्स पर वायरल करना रेप के बराबर है। यह वर्चुअल रेप का मामला माना जाएगा। पूर्व मिदनापुर ने इस मामले इंजीनियरिंग के तृतीय वर्ष के छात्र को दोषी ठहराते हुए पांच साल
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