RTI Files Episode 2: प्रदूषण फंडिंग के नाम पर मजाक, 5 साल में ₹81 करोड़ मिले, खर्च महज 17%!

जनवरी 2026 में भी दिल्ली का AQI कई दिनों तक Severe रहा (कई स्टेशनों पर 400+), PM2.5 स्तर 130-160 µg/m³ के आसपास, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और सांस रोगियों की सेहत पर गंभीर असर पड़ रहा है। रिपोर्ट सवाल उठाती है कि Beijing जैसी सख्त नीतियों के बावजूद फंडिंग क्यों इतनी कम, कोई accountability क्यों नहीं, और क्या अब dedicated multi-year fund की जरूरत है।

Vimlendu Jha की The Quint पर जनवरी 2026 में प्रकाशित रिपोर्ट RTI डेटा के आधार पर दिल्ली की हवा प्रदूषण की जड़ में गंभीर फंडिंग की कमी और उसका भी भारी underspending उजागर करती है। पिछले 10 वर्षों में दिल्ली में सर्दियों का “एयर पॉल्यूशन सीजन” स्थापित हो चुका है, जहां AQI बार-बार Severe स्तर पर पहुंचता है। RTI से पता चला कि पिछले 5 सालों में सिर्फ ₹81.36 करोड़

आवंटित हुए, जिनमें से महज 17% ही खर्च हुआ—बाकी राशि या तो लैप्स हो गई या गलत जगह पर गई। FY 2021-22 में ₹11.25 करोड़ मिले लेकिन खर्च शून्य रहा, जबकि हाल के 2 सालों में ₹38 करोड़ में से सिर्फ 3.5% इस्तेमाल हुआ।

और पढ़ें