Independence Day Special: ‘पुष्प की अभिलाषा’ की वो कहानी, जिसने हर किसी के सीने में भर दिया जोश!

Independence Day 2024: जेल में बंद एक देशभक्त कैदी ने 1921 में एक ऐसी कविता लिखी, जिसने अंग्रेजी हुकूमत की नींद उड़ा दी और आजादी के दीवानों में जोश भर दिया. यह कैदी कोई और नहीं बल्कि लेखक, कवि और पत्रकार पंडित माखनलाल चतुर्वेदी (Makhanlal Chaturvedi) थे. और जिस कविता ने अंग्रेजी शासन की चूलें हिला दी थी, वह थी – पुष्प की अभिलाषा. आजादी के मौके पर देखें Makhanlal

Chaturvedi से जुड़ा ये किस्सा.

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