चुनाव आयोग ने बजट को 1 फरवरी को पेश करने को दी मंजूरी; लेकिन कहा- “सरकार चुनावी राज्यों के लिए न करे नई स्कीमों का ऐलान”

चुनाव आयोग ने केंद्र सरकार को 1 फरवरी को बजट पेश करने को मंजूरी दे दी है लेकिन इसके लिए आयोग ने सरकार के सामने दो शर्तें रखी हैं। चुनाव आयोग की पहली शर्त ये है कि केंद्र सरकार उन पांच राज्यों जिनमें विधानसभा चुनाव होने वाले हैं जैसे कि उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा, उत्तराखंड और मणिपुर इन राज्यों के लिए नई स्कीमों का ऐलान नहीं कर सकती। चुनाव आयोग

की दूसरी शर्त यह है कि वित्त मंत्री अपनी बजट की स्पीच में इन पांच चुनावी राज्यों में अपनी उपलब्धियों का उल्लेख नहीं कर सकते। चुनाव आयोग का ये फैसला सोमवार देर रात आया और बजट पेश होने में एक हफ्ते का वक्त बचा है। इस फैसले को मंजूरी देते वक्त चुनाव आयोग ने सरकार को 2009 की एक एडवाइजरी की भी याद दिलाई जिसमें कहा गया था कि परंपरा के मुताबिक चुनावों से पहले पूर्ण बजट के बजाय लेखानुदान पेश किया जाता है। इस एडवाइजरी का जिक्र करते हुए आयोग ने कहा कि बजट पेश करते वक्त सरकार इस एडवाइजरी का ध्यान रखेगी। आपको बता दें कि चुनाव आयोग ने 2009 में कहा था कि वह चुनाव के वक्त बजट के संदर्भ में कोई आदेश नहीं देना चाहेगा। इससे पहले चुनाव आयोग ने आने वाले विधानसभा चुनावों से पहले बजट पेश किए जाने पर रोक लगाने की याचिका को खारिज कर दिया था।

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