नैतिकता की परवाह बिना, किसी भी तरह चुनाव जीतने पर आमादा हैं पार्टियां

गुजरात की तीन राज्य सभा सीटों के लिए हुए चुनाव में दो कांग्रेसी विधायकों के मत को रद्द करने के लिए अपने विशेषाधिकार का प्रयोग करने के करीब 10 दिन बाद चुनाव आयुक्त ओपी रावत ने गुरुवार (17 अगस्त) को “राजनीति में आ रही गिरावट के सामान्य बात होते जाने” पर बोला। रावत ने कहा, “लोकतंत्र तब फलता-फूलता है जब चुनाव पारदर्शी, निष्पक्ष और मुक्त हों। लेकिन ऐसा लगता है

कि छिन्द्रान्वेषी आम आदमी सबसे ज्यादा जोर इस बात पर देता है कि उसे हर हाल में जीत हासिल करनी है और खुद को नैतिक आग्रहों से मुक्त रखता है।” चुनाव आयुक्त एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) द्वारा आयोजित कार्यक्रम “कंसल्टेशन ऑन इलेक्टोरल एंड पोलिटिकल रिफॉर्म्स” में बीज-वक्तव्य दे रहे थे।

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