ग्रीन पटाखों को बनाने में फ्लावर पॉट्स, पेंसिल, स्पार्कल्स और चक्कर का इस्तेमाल किया जाता है… यही वजह है कि ये पटाखे वायु को कम प्रदूषित करते हैं… ग्रीन पटाखे ना सिर्फ आकार में छोटे होते हैं, बल्कि इन्हें बनाने में रॉ मटेरियल यानी कच्चा माल का भी कम इस्तेमाल होता है… इन पटाखों में पार्टिक्युलेट मैटर का विशेष ख्याल रखा जाता है… ताकि धमाके के बाद कम से कम
… और पढ़ें