नोटबंदी पर सियासी जंग तेज़ होती जा रही है। सदन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जवाब मांग रहा विपक्ष आक्रामक है तो सड़क पर त्रिणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी समेत पूरे विपक्ष ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। संसद में चल रहे हंगामे के 7 सातवें दिन पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने नोटबंदी को एक कुप्रबंधन बताया। हालांकि मनमोहन सिंह ने ये भी कहा कि वो इस
फैसले के पीछे के उद्देश्यों से असहमत नहीं हैं लेकिन जिस तरह से इस फैसले को लागू किया गया है उससे देश की जीडीपी 2 प्रतिशत अंकों से घट सकती है। राज्यसभा में बोलते हुए मनमोहन सिंह ने कहा कि इससे कृषि, लघु उद्योग और असंगठित क्षेत्र में हर किसी को नुकसान होगा। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने ये भी कहा कि पीड़ित लोगों की शिकायतों को ध्यान में रखना ज़रूरी है। इससे 60-65 लोगों की जान गई है। नोटबंदी का यह फैसला करंसी और बैंकिंग सिस्टम में लोगों का भरोसा कम कर सकता है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से इस संकट से लोगों को राहत देने के लिए व्यावहारिक उपाय खोजने को कहा। क्योंकि उनके मुताबिक ग्रामीण क्षेत्रों में लोग नोटबंदी के इस फैसले के कारण परेशान हैं। उच्च सदन में मनमोहन सिंह ने कहा कि जो लोग ये कहते हैं कि नोटबंदी लंबे समय में अच्छे परिणाम देखा उन्हें इस बात को याद रखना चाहिए कि लंबे समय में हम सब मर रहे हैं।
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