चीनी कंपनियों द्वारा निर्माण करने के लिए भारत का रुख करने से चीन में बेरोज़गारी का खतरा: सरकारी मीडिया

चीन को नौकरियों की कमी का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि वहां की कंपनियां दूसरे देशों में निर्माण कर रही है इसकी चेतावनी चीन के सरकारी मीडिया ने दी है। दरअसल चीन की टेलीकॉम कंपनी ह्युवेई ने भारत में निर्माण शुरू कर दिया है। कंपनी के इस कदम से चीन का सरकारी मीडिया चिंतित है। ग्लोबल टाइम्स अखबार ने 27 सितंबर के अंक में लिखा कि निर्माण से जुड़े

उद्योगों के भारत में जाने से पड़ने वाले असर से चीन को चिंतित होने की ज़रूरत है। चीनी निर्माताओं के भारत में असेंबली लाइन स्थापित करने की रूचि बढ़ रही है। जिससे दोनों देशों के बीच आर्थिक प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है। ह्युवेई उन कई कंपनियों में से एक है जिसने उभरते हुए मोबाइल मार्केट में निर्माण शुरू कर दिया है। अगर मोबाइल निर्माण भारत की ओर गया तो इससे नौकरियों में कमी होगी। चीन का भारत में निवेश बढ़ रहा है। जापान बैंक फॉर इंटरनेशनल कॉपरेशन की ओर से साल 2014 में करवाए गए सर्वे का हवाला देते हुए कहा गया िक चीन का भारत में प्रत्यक्ष निवेश छह गुना बढ़कर 870 मिलियन डॉलर हो गया है।

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