बांग्लादेश एक बार फिर से 1970 के दशक के चरमपंथ के चंगुल में फंसता जा रहा है. बांग्लादेश में शेख हसीना के तख्तापलट के बाद धीरे-धीरे ऐसे हालात बनते जा रहे हैं, जिसकी वजह से बंगाल पाकिस्तान के कट्टरवाद के अंधेरे रास्ते पर फिर चल पड़ा है. या यूं कहें कि बंगाल एक बार फिर से पाकिस्तान के चंगुल में फंसता जा रहा है. दरअसल, शेख हसीना के बंगाल छोड़ने
के बाद, पूरे बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार शुरू हो गए थे. ये मामला अहमदिया मुसलमानों तक आ चुका है. हसीना के जाने के बाद बांग्लादेश वैश्विक कट्टरवादी इस्लामी ताकतों का गढ़ बनता जा रहा है. बांग्लादेश में लगातार कट्टरवादी कॉन्फ्रेंस हो रही हैं, जिनमें अहमदिया मुसलमानों को गैर-मुस्लिम अल्पसंख्यक घोषित करने की मांग ज़ोर पकड़ती जा रही है. इसी बीच, बंगाल में अहमदिया मुसलमानों पर लगातार हमले भी हो रहे हैं. और पूरी स्क्रिप्ट पाकिस्तान के इस्लामीकरण के तरीके से हू ब हू मिलती है.
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