मोदी सरकार के 500 और 1000 रुपए के नोटों को बंद करने के फैसले पर अलग-अलग तरह की आ रही प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। इस फैसले को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए उनसे पूछा कि स्विस बैंकों में जमा कालेधन पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई? केजरीवाल ने कहा कि बच्चा-बच्चा जानता है कि कालाधन स्विस बैंकों में पड़ा है। 648
लोगों के नाम की लिस्ट पहले आई थी, जिनका स्विस बैंकों में अकाउंट था। न तो कांग्रेस ने इस पर कोई एक्शन नहीं लिया और न ही अब बीजेपी की सरकार इस पर कार्रवाई कर रही है। इसी के साथ केजरीवाल ने गुरुवार को अखबारों में प्रकाशित निजी ऑनलाइन भुगतान कंपनी पेटीएम के विज्ञापनों में पीएम मोदी की तस्वीर पर आपत्ति जताई और इसे शर्मनाक करार दिया। केजरीवाल ने ट्वीट किया कि बेहद शर्मनाक। क्या जनता यह चाहती है कि उनके प्रधानमंत्री निजी कंपनियों के लिए विज्ञापन करें? कल, अगर ये कंपनियां कुछ गलत करेंगी, तो उनके खिलाफ कौन कार्रवाई करेगा? साथ ही केजरीवाल ने सवाल उठाते हुए कहा कि इस घोषणा का सबसे बड़ा लाभ पेटीएम को होने जा रहा है। प्रधानमंत्री जी क्या साठगांठ है। केजरीवाल ने इस फैसले को तुगलकी फरमान करार दिया। वहीं इस पर पेटीएम को फाउंडर विजय शेखर को करारा जवाब देते हुए ट्वीट किया कि डियर सर सबसे बड़ा फायदा देश को होगा। हम बस एक टेक स्टार्टअप हैं जो फाइनैंशल इन्क्लूजन में मदद कर और भारत को प्राउड करना चाहते हैं।
… और पढ़ें