उत्तर प्रदेश की राजनीति गुरुवार शाम को दो वजह से चर्चा में आई। पहला तो एग्जिट पोल और दूसरा अखिलेश यादव का इंटरव्यू जिसमें उन्होंने बसपा के साथ गठबंधन की संभावा से इंकार नहीं किया। दरअसल ज्यादातर एग्जिट पोलस ने यूपी विधासनभा चुनावों में बीजेपी को सबसे बड़ी पार्टी बनने का अनुमान लगाया है लेकिन स्पष्ट बहुमत से दूर रहने की संभावना व्यक्त की है। दूसरे नंबर पर सपा-कांग्रेसा का
गठबंधन की संभावना व्यक्त की गई है और तीसरे नंबर पर बसपा के रहने का अनुमान लगाया गया है। एग्जिट पोल आने के बाद अखिलेश यादव ने बीबीसी हिंदी को दिए एक इंटरव्यू में बसपा के साथ गठबंधन के संकेत दिए हालांकि साफ तौर पर ऐसा नहीं कहा। अखिलेश ने कहा कि, “नहीं, गठबंधन के लिए इसलिए नहीं कह सकते हम क्योंकि हम खुद सरकार बनाने जा रहे है। और बहुजन समाज पार्टी की नेता हैं उनको मैनें एक रिश्ते से हमेशा सम्मान दिया है, तो यह स्वाभाविक है कि लोग मानेंगे कि अगर कोई कमी होगी तो हम बसपा के साथ न चले जाएं, या बसपा का सहयोग न ले लें। ये बात अभी कहना मुश्किल है। लेकिन मैं यह कहता हूं, समाजवादी और कांग्रेस का बहुमत आने वाला है, और बहुमत के साथ सरकार बनेगी।” वहीं मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस पर प्रतिक्रिया देते हुए बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि नतीजों के बाद जुरुरत पड़ने पर अखिलेश यादव के प्रस्ताव पर विचार करेंगे।
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