उत्तर प्रदेश में समाजवदी पार्टी की सरकार ने पिछले 5 सालों में लगभग 19 केसों को खत्म करने के लिए कोर्ट का रुख किया है। ये केस राज्य के कई वरिष्ठ नेताओं पर थे और इन केसों में अपराध, दंगे, अपहरण से जबरन वसूली और यहां तक कि एक पर तो गैर इरदातन हत्या का भी मामला था। जिन लोगों के केस खत्म करने की गुजारिश समाजवादी पार्टी सरकार ने
की है उनमें सपा के 10 विधायकों के अलावा, बीजेपी सांसद राम शंकर कठेरिया और बीजेपी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्रा का नाम भी शामिल है। कहा गया है कि ये याचिका ‘सार्वजनिक हित और न्याय के हित’ को ध्यान में रखकर डाली गई है। हमारे सहयोगी अखबार इंडियन एक्सप्रेस की पड़ताल में यूपी सरकार के कई अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की है। कहा गया कि प्रशासन ने ही केस वापस लेने की अर्जी की थी, लेकिन किसी ने साफ तौर पर इसकी वजह नहीं बताई है। सरकार की तरफ से बात करते हुए सपा के कैबिनेट मंत्री और प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने कहा कि उनके पास इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। जिन नेताओं के नाम लिस्ट में शामिल थे उनमें से विजय मिश्रा और भगवान शर्मा को छोड़कर बाकियों को अगले महीने होने वाले विधानसभा चुनाव में टिकट भी दी है। इन चुनावों के लिए मतदान 11 फरवरी को शुरु होगा और 11 मार्च को नतीजे आएंगे।
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