सत्तर साहब के इस छोटे से कमरे में दिल्ली के बारे में किसी को भी एक नयी बात मिल जाती, उर्दू के शौक़ीन, शहर के मुलाज़िम, इस शहर के बारे में दिलचस्पी रखने वाले उनसे किसी मोड़ पर ज़रूर टकराए होंगे. जो लोग सत्तार साहब (Abdul Sattar) को जानते थे, वे उन्हें किताबों का प्रेमी कहते थे, जो उस शहर के बारे में किताबें इकट्ठा करते थे, दिल्ली (Delhi) में
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