रिकरिंग डिपॉजिट (RD) निवेशकों के बीच बचत का लोकप्रिय तरीका है। इसे फिक्स्ड डिपॉजिट और लंबी अवधि की डाकघर स्कीमों का अच्छा विकल्प मानते हैं। रेकरिंग डिपॉजिट में किसी को निश्चित अवधि के लिए हर महीने एक तय राशि जमा करनी पड़ती है। रिकरिंग डिपॉजिट उन लोगों के लिए सबसे अच्छा है जो अपने निवेश पर किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहते हैं। पोस्ट ऑफिस के अलावा एसबीआई समेत सभी प्रमुख बैंकों में रिकरिंग डिपॉजिट के लिए खाता खोलने की सुविधा है। ऐसे में अगर आप भी रिकरिंग डिपॉजिट के लिए खाता खोलना चाहते हैं तो इस खबर को जरूर पढ़ें।

अगर आप रिकरिंग डिपॉजिट के लिए खाता खोलने जा रहे हैं तो सबसे पहले ये सुनिश्चित कर लें कि SBI या पोस्ट ऑफिस में से कौन आप को ज्यादा रिटर्न देगा। हमने यहां पोस्ट ऑफिस और एसबीआई की RD योजनाओं की तुलना की है, जिसमें दोनों जगह मिलने वाले ब्याज के आधार पर कैलकुलेशन किया है।

अगर आप रिकरिंग डिपॉजिट के लिए खाता पोस्ट ऑफिस में खोलते हैं तो –
पोस्ट ऑफिस आप को RD पर सालाना ब्याज 7.2 फीसदी देगा। इस हिसाब से आप अगर 5 हजार रुपये का मंथली निवेश करते हैं तो 5 साल बाद मेच्योरिटी पर 3.61 लाख रुपये की रकम मिलेगी। इसका मतलब अपने कुल निवेश 3 लाख रुपय का किया था और आपको 61 हजार रुपये का फायदा हुआ।

वहीं अगर आप रिकरिंग डिपॉजिट के लिए खाता स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) में खोलते हैं तो –
SBI आप को RD पर सालाना ब्याज 6.25 फीसदी देगा। इस हिसाब से आप अगर 5 हजार रुपये का मंथली निवेश करते हैं तो 5 साल बाद मेच्योरिटी पर 3.52 लाख रुपये की रकम मिलेगी। इसका मतलब अपने कुल निवेश 3 लाख रुपय का किया था और आपको 52 हजार रुपये का फायदा हुआ।

बता दें RD पर ब्याज का भुगतान अकाउंट के मैच्योरिटी के समय किया जाता है। खाता खोलने के समय तय दर पर ही हर जमा पर ब्याज मिलता है। अमूमन RD 6 महीने से 10 साल तक के लिए की जा सकती है। आप खाते को RD मेच्योर होने से पहले भी बंद कर सकते हैं लेकिन इसके लिए आपको पेनल्टी देनी होगी। आप कर्ज लेने के लिए अपने RD का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। RD में ब्याज दरें पहले से तय रहती हैं. इसमें किसी तरह का मार्केट रिस्क नहीं होता है। इस पर मिलने वाला ब्याज टैक्सेबल होता है। अगर आपकी ब्याज आय 10 हजार रुपए से ज्यादा है, तो इस पर टीडीएस भी देना होगा।