पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को सालाना 6 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है। किसानों को साल में तीन बार 2 हजार रुपये की किस्त जारी की जाती है। ये रकम डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के तहत किसानों के खातों ट्रांसफर की जाती है। लॉकडाउन के दौरान ही 24 मार्च से अब तक किसानों को 19,350.84 करोड़ रुपये की मदद मिली है। योजना में शामिल होने के लिए किसानों को रजिस्ट्रेशन करवाना होता है जिसके लिए कुछ नियम और शर्तें हैं। लाभार्थी सूची में नाम आने के बाद खाते में पैसा ट्रांसफर कर दिया जाता है। देश भर के 14 करोड़ किसानों को इस स्कीम के तहत सरकार ने जोड़ने का लक्ष्य तय किया है।
वहीं कई ऐसे मामले भी सामने आते रहते हैं जिसमें रजिस्ट्रेशन करने के बावजूद के खाते में किस्त नहीं आती। ऐसे में किसानों को समझ नहीं आता कि वे क्या करें और क्या नहीं। दरअसल रजिस्ट्रेशन करते वक्त आवेदक की तरफ से कुछ गलतियों के चलते किस्त रोक ट्रांसफर नहीं की जाती। हालांकि इन गलतियों में सुधार कर आवेदक सही तरह से रजिस्ट्रेशन करवा सकता है।
अब सवाल यह उठता है कि क्या गलती सुधार के बाद किस्त मिलेगी या नहीं? इस योजना के नियमों के मुताबिक अगर किसी बेनेफिशियरी का नाम राज्य और केंद्र शासित प्रदेश की सरकार द्वारा पीएम किसान सम्मान निधि योजना के आधिकारिक पोर्टल पर अपलोड है और किसी वजह से किस्त ट्रांसफर नहीं की गई तो अगली किस्त में पिछली किस्त का पैसा ट्रांसफर किया जाएगा। वहीं अगर सरकार द्वारा नाम खारिज किया जाता है तो आवेदन करने वाले किसान को इसका लाभ नहीं मिलेगा। पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट के इस लिंक https://pmkisan.gov.in/Documents/RevisedFAQ.pdf पर आप इस बारे में जान सकते हैं।
अक्सर देखने को मिलता है कि किसान आवेदन करते वक्त आधार से जुड़ी गलतियां कर बैठते हैं जिसके बाद उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिलता। ऐसी स्थिति में किसान घर बैठे-बैठे आसानी से अपने डॉक्यूमेंट्स अपलोड कर सकते हैं। किसान इस लिंक pmkisan.gov.in पर क्लिक कर ‘Farmers Corner’ जाकर अपने डॉक्यूमेंट्स को अपलोड कर सकते हैं।
