Indian Railways: चेन्नई से मदुरै के बीच दौड़ने वाली ट्रेन ‘तेजस एक्सप्रेस’ को चले अभी एक महीना भी नहीं हुआ है और इसकी हालत पस्त होने लगी है। इस ट्रेन में टॉयलेट जाम, खिड़कियों के शीशे चटकने और टीवी स्क्रीन नहीं चलने की शिकायत खूब मिल रही है। इस रूट पर तेजस एक्सप्रेस सप्ताह के आखिरी दिनों में काफी भरी हुई होती है, जबकि सप्ताह के बाकी दिनों में आधी भरी हुई रहती है। मदुरै से चेन्नई के बीच यह ट्रेन सिर्फ दो जगह त्रिची और कोडई रोड रुकती है। गर्मियों की छुट्टियों को देखते हुए रेलवे को इस ट्रेन से काफी उम्मीदें हैं। लेकिन, यात्रियों की लगातार शिकायतें इसकी रफ्तार पर भारी पड़ रही हैं।
इस ट्रेन में सबसे ज्यादा शिकायत गंदे टॉयलेट को लेकर मिल रही है। रेल विभाग ने हवाई जहाज की तर्ज पर इसमें बायो-टॉयलट लगाए हैं। यात्रियों ने गंदे और बदबूदार टॉलट से परेशान होने की शिकायत की। हालांकि, रेल विभाग का कहना है कि टॉयलेट को इस्तेमाल के बाद यात्री सही ढंग से फ्लश नहीं करते हैं।
तेजस में असुविधाओं को लेकर यात्रियों ने इसके फोटोग्राफ रेलवे को टैग करके ट्विटर पर शेयर करना शुरू दिया। टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक एक यात्री ने बताया कि यात्रा के दौरान टॉयलेट बहुत ही गंदा था और इसकी ओर किसी का ध्यान नहीं गया। दक्षिण रेलवे के सूत्रों के मुताबिक तेजस एक्सप्रेस के टॉयलेट का निकास द्वार बाकी ट्रेनों से काफी छोटा है। जब यात्री इसमें कोई बोतल या कप डालते हैं तो यह नोजल के पास जाकर जाम हो जाता है। रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि वह इस समस्या से निजात दिलाने की तरकीब पर काम कर रहे हैं।
कई यात्रियों ने खिड़कियों के शीशे चटकने और टूटने की शिकायत की है। दरअसल, ट्रेन पर उपद्रवियों द्वारा पथराव की वजह से खिड़कियां टूटी हुई हैं। बीते दिनों में इस ट्रेन पर पत्थर फेंकने की 10 घटनाएं सामने आ चुकी हैं। कई बार टूटी हुई खिड़कियों की मरम्मत की जा चुकी है। जानकारी के मुताबिक इस ट्रेन की खिड़कियों के शीशे काफी महंगे हैं। एक खिड़की के शीशे की कीमत 10,000 से 15000 रुपये है। इसके अलावा यात्रियो की शिकायत है कि ट्रेन की तकरीबन 15 से 20 फीसदी टीवी स्क्रीन काम नहीं कर रही हैं।

