देश में ट्रिपल तलाक को लेकर छिड़ी बहस के बीच उप-राष्ट्रपति हामिद अंसारी की पत्नी सलमा अंसारी ने लोगों से कुरान पढ़ने की ताकीद की है। अंसारी ने कहा कि जिन्हें तलाक को लेकर दिक्कत हो, वे कुरान पढ़ें, हल मिल जाएगा। मीडिया से बातचीत में सलमा ने कहा, ”कुरान पढ़ाएं तो आप को खुद ही उसका हल मिल जाएगा। इसको (ट्रिपल तलाक) बना रखा है बेकार का मुद्दा। ऐसी कोई चीज है ही नहीं।” मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, ”बहुत सी औरतें निकलकर आएंगी क्योंकि जिन्होंने कुरान नहीं पढ़ा, उन्हें मालूम ही नहीं है। बात तो ये है कि आप अरबी में कुरान पढ़ती हैं और ट्रांसलेशन तो पढ़ते ही नहीं आप लोग। जो मुल्ला, मौलाना ने कहा, वही सच मान लिया। कुरान पढ़के देखिए, हदीस पढ़िए, देखिए रसूल ने क्या कहा है।” सलमा ने मुस्लिम महिलाओं को संदेश देते हुए कहा, ”महिलाओं में इतनी हिम्मत होनी चाहिए कि खुद कुरान पढ़ें, उसके बारे में सोचें, नॉलेज हासिल करें कि शरीयत क्या कहता है। किसी को ऐसे ही फॉलो ही नहीं करना चाहिए। सबसे बड़ा रास्ता दिखाने वाला कुरान है। जब आपने कुरान को ही नहीं समझा तो कोई भी आपको गुमराह कर देगा।”
ट्रिपल तलाक के मुद्दे पर सलमा ने कहा कि ‘यह कोई मुद्दा नहीं है। बिलकुल बेकार की चीज है। कोई कह दे कि तलाक, तलाक, तलाक, ऐसे कोई तलाक नहीं होती। इसीलिए तो कह रही हूं कि कुरान पढ़िए।’
मुस्लिम समुदाय में जारी तीन तलाक की प्रथा को फिलहाल सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी गई है और मामले की अगली सुनवाई 11 मई को होने वाली है। प्रधान न्यायाधीश जेएस खेहर और न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने कहा कि गर्मिर्यों की छुट्टियों में एक संविधान पीठ मामले में सुनवाई करेगी। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड ने 27 मार्च को उच्चतम न्यायालय से कहा था कि मुस्लिमों के बीच प्रचलित इन परंपराओं को चुनौती देने वाली याचिकाएं विचारणीय नहीं हैं क्योंकि ये मुद्दे न्यायपालिका के दायरे के बाहर के हैं।
#WATCH: Vice President Hamid Ansari's wife Salma Ansari emphasises on reading Quran, says "Talaq Talaq Talaq kehne se koi talaq nahi hota" pic.twitter.com/08QxxaexRZ
— ANI (@ANI) April 8, 2017
बोर्ड ने यह भी कहा था कि पवित्र कुरान और इस पर आधारित स्रोतों पर मूल रूप से स्थापित मुस्लिम विधि की वैधता संविधान के कुछ खास प्रावधानों पर जांचे नहीं जा सकते।
