आप हवाई अड्डे पर अपने सामान के आने का इंतजार कर रहे हों और आपका सामान कहीं खो जाए तो यात्री के लिए इससे बुरा शायद ही कुछ हो सकता है। लेकिन कुछ ऐसा ही हुआ अनुभव के. शर्मा नाम के व्यक्ति के साथ। जब नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पर अनुभव का सामान खो गया। सामान खो जाने के बाद अनुभव को समझ नहीं आ रहा था कि क्या करे। अनुभव के बैग में कई जरुरी कागजात भी थे। मदद के लिए जब अनुभव एयरपोर्ट पर इधर- उधर टहल रहा था तभी उसने एक सीआईएसएफ अधिकारी से मदद मांगी। इस अधिकारी की ड्यूटी का समय खत्म हो चुका था। लेकिन एक दयालु सीआईएसएफ अधिकारी सुनील कुमार ने अपनी ड्यूटी का समय पूरा होने के बाद भी अनुभव का सामान ढ़ूढ़ने में मदद की। ड्यूटी के बाद जब अनुभव ने इस अधिकारी को शुक्रिया कहा तो सीआईएसएफ अधिकारी सुनील कुमार का जवाब था- ”ये ड्यूटी है मेरी” इसके बाद अनुभव ने ट्वीटर पर इस अधिकारी की फोटो पोस्ट की। जिसके बाद ट्विटर पर कई लोगों ने इस अधिकारी के बारे में लिखा। एक ने लिखा, ”क्या बात है! इंसानियत ज़िंदा है” वहीं एक दूसरे यूजर ने लिखा,” respect. सीआईएसएफ अधिकारी सुनील कुमार के लिए एक दूसरे यूजर ने लिखा कि, ”हमें इसी तरह के लोगों की जरुरत है।
Thank you @CISFHQrs! Inspector Sunil Kumar restored my faith. https://t.co/cEX1aEUmy0
— तोहार Cold ऊँगली (@MeetUunngLee) February 19, 2017
क्या बात है! इंसानियत ज़िंदा है?
— Scarface (@al_kameeno) February 19, 2017
https://twitter.com/DefucktiveHumor/status/833348508677582849?ref_src=twsrc%5Etfw
https://twitter.com/foreverr_mad/status/833346966700462082?ref_src=twsrc%5Etfw
https://twitter.com/ramnambiarcc/status/833511433526734848?ref_src=twsrc%5Etfw
till we have duty bound officers like him, our nation has good future.
— Avinash Pandey – Modi ka Parivaar (@asp0204) February 20, 2017
पुलिस के बारे में आम लोगों की धारणा बन जाती है कि वो अपने काम में लापरवाही करते हैं और उनमें सहानुभूति की कमी होती है लेकिन सीआईएसएफ अधिकारी सुनील कुमार ने ऐसे लोगों को गलत साबित कर दिया। अनुभव ने अपने ट्वीट में लिखा है कि सीआईएसएफ अधिकारी ने सामान ढ़ूढ़ने में मदद की वो भी उसकी ड्यूटी का समय खत्म होने के बाद। सामान मिलने के बाद जब अधिकारी को धन्यवाद किया तो उन्होंने कहा कि ये तो मेरी ड्यूटी है। जब कुछ लोग काम के बदले कुछ(रुपये) लेने की उम्मीद करते हैं वहीं इस अधिकारी ने अपनी ईमानदारी की भावना को दर्शाया। इस अधिकारी ने ऐसे अधिकारियों के लिए उदारहण पेश किया जो अपने काम को ठीक तरीके से नहीं करते।

