दिल्ली यूनिवर्सिटी के रामजस कॉलेज में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के हिंसक प्रदर्शन का सोशल मीडिया पर विरोध शुरू हो गसा है। देश भर से छात्रों ने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर अपनी डिस्प्ले पिक्चर बदलते हुए ABVP के खिलाफ स्टैंड लिया है। फेसबुक और ट्विटर पर #StudentsAgainstABVP के तहत, दिल्ली के लेडी श्रीराम कॉलेज की एक स्टूडेंट ने फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम पर यह कैंपेन शुरू किया और अन्य से भी शामिल होने को कहा। पंजाब, दिल्ली और मुंबई सहित कई राज्यों के विश्वविद्यालयों के स्टूडेंट्स ने इसी हैशटैग के साथ तस्वीरें अपलोड की हैं। गुरमेहर कौर ने बुधवार को अपनी पोस्ट में लिखा, ”ABVP द्वारा निर्दोष छात्रों पर किया गया बर्बर हमला परेशान करता है, इसे रोका जाना चाहिए। यह महज प्रदर्शनकारियों पर हमला भर नहीं था, यह भारतीयों के दिल में बसी लोकतंत्र की भावना पर सीधा आघात था। आपने (ABVP) जो पत्थर चलाए वह हमारे शरीर पर लगे, मगर हमारे विचारों को चोट पहुंचाने में नाकाम रहे। अगर आप किसी भारतीय यूनिवर्सिटी में स्टूडेंट हैं और आप ABVP के खिलाफ प्रदर्शन करना चाहते हैं तो ऐसी ही एक सेल्फी लीजिए और उसे अपनी प्रोफाइल पिक्चर बनाइए।”
रामजस कॉलेज के एक कार्यक्रम में जेएनयू के उमर खालिद और शहला राशीद को बुलाने का एबीवीपी ने विरोध किया था। जिसके बाद बुधवार को एसएफआइ, आइसा समेत विभिन्न छात्र दलों ने 22 फरवरी को विरोध मार्च निकाला, इसी में एबीवीपी कार्यकर्ताओं से उनकी भिड़ंत हो गई और मामला हिंसक हो गया।
वीडियो: रामजस कॉलेज की घटना पर NDTV पर चर्चा में पत्थर लेकर आई थीं JNU की शहला, RSS नेता राकेश सिन्हा के साथ हुई खूब गरमागरमी
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रामजस कॉलेज की साहित्य सोसाइटी ‘वर्डक्राफ्ट’ की ओर से दो दिवसीय सेमिनार ‘प्रदर्शन की संस्कृति’ में उमर खालिद और शहला राशिद को संबोधन के लिए बुलाया गया था। लेकिन यह आमंत्रण एबीवीपी और छात्र संघ के हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद मंगलवार को रद्द कर दिया गया। खालिद उन छात्रों में शामिल हैं जिन पर पिछले साल एक कार्यक्रम में देशविरोधी नारे लगाने का आरोप है।
संसद हमला मामले के दोषी आतंकी अफजल गुरु के समर्थन में जेएनयू में कार्यक्रम आयोजित करने का आरोप उमर खालिद पर था। वहीं शहला राशिद जेएनयू छात्र संघ की पूर्व सदस्य हैं और छात्रों की गिरफ्तारी के विरोध में आंदोलन चलाने में शामिल थीं।
