ऑपरेटिंग सिस्टम विंडो एक्सपी का ये सदाबहार वॉलपेपर तो आपने देखा ही होगा। सालों तक ये पिक्चर हमारे कम्प्यूटर की स्क्रीन पर हमने देखी है। बहुत से लोग मानते हैं कि ये पिक्चर वास्तविक नहीं है। बल्कि किसी कप्यूटर एडिटिंग सॉफ्टवेयर की मदद से बनाई गई है। जबकि वास्तव में ये एक दम असली पिक्चर है जो अमेरिकी फोटोग्राफर चार्ल्स ओ रियर ने अपने कैमरे से क्लिक की थी। चार्ल्स अमेरिका के नेपा वैली में रहते हैं। सील 1996 की जनवरी में वो अपनी कार से अपनी गर्लफ्रेंड के घर सैन फ्रांसिस्को जा रहे थे। तभी उन्होंने रास्ते में उन्होंने ये नजारा देखा। चार्ल्स ने फौरन इस दृश्य को अपने मीडियम फॉरमेट कैमरे में कैद कर लिया। चार्ल्स ने ये पिक्चर सबसे पहले साल 1996 में कॉरबिस नाम की एक कंपनी को भेजी। कॉरबिस बिल गेट्स की ही एक कंपनी है। बाद में इस पिक्चर का प्रयोग माइक्रोसॉफ्ट ने 2001 में अपने ऑपरेटिंग सिस्टम एक्सपी को ओपनिंग इमेज के तौर पर किया। जिसके बाद ये तस्वीर पूरी दुनिया के घर घर में पहचाने जाने लगी।

चार्ल्स अपनी क्लिक की गई तस्वीर के साथ।

चार्ल्स ओ रियर ने करीब 25 सालों तक नेशनल जियोग्राफिक के साथ मिलकर काम किया है। लेकिन उन्हें पहचान मिली रास्ते में अपने मीडियम फॉरमेट कैमरे से खीची गई इस एक तस्वीर से। बहुत से लोग मानते है कि ये डीजिटल रूप से तैयार की गई तस्वीर है जब चार्ल्स से इस विषय में पूछा गया तो उन्होंने ऐसी किसी भी बात से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि उन्होंने ये पिक्चर कॉरबिस को स्टॉक फोटो के तौर पर बेचा था। कई साल बाद माइक्रोसॉफ्ट के इंजीनियर्स ने इसके डीजिटल रूप को एक्सपी के लिए चुन लिया। जिसके बाद से इस पिक्चर और चार्ल्स की पहचान ही बदल गई।