10 मई को उत्तर प्रदेश के काशी में कुछ मुस्लिम महिलाओं ने एक हनुमान मंदिर में पहुंचकर हनुमान चालीसा का पाठ किया था। इसके साथ ही इन महिलाओं ने तीन तलाक से मुक्ति की गुहार भी लगाई। बताया जा रहा था कि करीब बीस मुस्लिम महिलाएं शाम में हनुमान मंदिर पहुंचीं और वहां के पुजारी से पूजा करने की इच्छा प्रकट की। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक बुर्का पहनी इन औरतों ने मंदिर में हनुमान चालीसा का पूरा पाठ किया। जहां ये बैठकर चालीसा पढ़ रही थीं, वहीं तीन तलाक से मुक्ति मिले का एक पोस्टर भी चिपकाया गया था। अब सोशल मीडिया पर इस तरह की खबरें वायरल हो रही हैं कि हनुमान चालीसा का पाठ करने वाली वो महिलाएं मुस्लिम नहीं थी। फेसबुक पर बहुत सी ऐसी तस्वीरें शेयर की जा रही हैं जिसमें बताया जा रहा है कि वो महिलाएं हिंदू थीं। हालांकि इस बात की कोई आधिकारिक पुष्टी नहीं है कि 10 मई को वाराणसी में हनुमान चालीसा का पाठ करने वाली महिलाएं गैर मुस्लिम थी।
सोशल मीडिया पर 10 मई की एक तस्वीर शेयर करते हुए लिखा जा रहा है कि इसमें बुर्का पहनी एक महिला जो हनुमान चालीसा पढ़ रही है उसने अपने हाथ में कलावा बांधा है। ऐसी तस्वीरें शेयर करने वाले यूजर्स लिख रहे हैं कि इस महिला का नाम पद्मावती है और ये हिंदू है। इस महिला की दूसरी तस्वीरें भी यूजर्स सोशल साइट पर शेयर कर रहे हैं जिसमें वो अन्या देवी देवताओं की पूजा भी कर रही हैं।
