भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की नेता शाजिया इल्मी ने आरोप लगाया है कि वह जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में ट्रिपल तलाक के मुद्दे पर बोलना चाहती थीं लेकिन उनको बोलने नहीं दिया गया। इल्मी के मुताबिक, उन्हें आरएसएस समर्थित मंच अवेयरनेस आॅफ नेशनल सिक्योरिटी (फैंस) ने तीन तलाक के मुद्दे पर आयोजित समारोह में बोलने के लिए आमंत्रित किया था। इल्मी ने पत्रकारों से कहा कि आयोजनकर्ताओं पर काफी दबाव था। पहले उन्होंने ‘तीन तलाक’ विषय को बदलकर ‘महिला सशक्तिकरण’ किया।
इसके बाद वे वक्ताओं की सूची से मेरा नाम हटाना चाहते थे। पहले निमंत्रण कार्ड में मेरा नाम था लेकिन दूसरे कार्ड में मेरा नाम नहीं था। विश्वविद्यालय ने हालांकि इन आरोपों से इनकार किया है। हालांकि जामिया मिल्लिया इस्लामिया प्रशासन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। जामिया के प्रवक्ता ने आयोजकों पर दबाव डालने के आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि इस समारोह का आयोजन विश्वविद्यालय या किसी विभाग ने नहीं किया है। आॅडिटोरियम आयोजकों को किराए पर दी गई और ऐसे समारोह में विषयवस्तु या वक्ताओं की पसंद को लेकर विश्वविद्यालय का कुछ भी लेनादेना नहीं होता है। हमारे ऊपर लगाए जा रहे आरोप सही नहीं हैं। इल्मी पूर्व पत्रकार हैं। उनके समर्थन में ट्विटर पर काफी यूजर्स ने ट्वीट किए। यूजर्स ने शाजिया की बोलने की आजादी को गुरमेहर और उमर खालिद के सवाल से जोड़ कर भी पूछा।
I saw the video.tell me y Shazia Ilmi isn't allowed to speak about triple talaq??? Cos she is from BJP ?
— Gurudutt(Modi ka parivar) (@guruduttgowda) March 2, 2017
even speak about BJP mahila morcha leader Juhi chowdhri arrest in child trafficking.
— Mirza Hyderabad. (میرزا حیدرآباد) (@mirzahyd1) March 2, 2017
Why Fatwas Against Tarak Fatah/Taslima Nasreen not protested against ??? Why Shazia Ilmi Not Allowed To Speak At Jamia Milia,
— Kalidas Pardhy (@KalidasPardhy) March 2, 2017
https://twitter.com/imran200881/status/837108226243977217
Ilmi talks of women oppression whereas Khalid attacks Indian sovereignty; how do you measure them equal?
— jay (@ijigarsingh) March 2, 2017
https://twitter.com/padhalikha/status/836986810790109184
https://twitter.com/iSanjanaPatel/status/836898130838814721
@PriyankaChhawri @shaziailmi They want their Azadi to speak not ours
— anshu (@cskanshu) March 2, 2017
Refusing @shaziailmi to be speaker &compelling to change topic Triple Talaq Jamia has shown it is dominated by communal &reactionary sources
— Prof Rakesh Sinha MP ( Modi Ka Parivar ) (@RakeshSinha01) March 1, 2017
शाजिया ने आम आदमी पार्टी से अपनी राजनीति शुरू की थी। इसके बाद 2015 में उन्होंने बीजेपी ज्वॉइन कर ली थी। जामिया का जिक्र करते हुए शाजिया ने कहा, ‘वहां के ऑर्गेनाइजर्स पर कई तरह से प्रेशर बनाया गया था, प्रेशर बनाने वाले वे लोग थे जिन्हें लग रहा था कि मेरे बोलने से कैंपस का माहौल बिगड़ जाएगा।’ इल्मी ने ABVP और BJP का जिक्र करते हुए कहा, ‘ कोई भी ABVP और BJP के शोषण की बात नहीं करता, इंग्लिश मीडिया ऐसे लोगों द्वारा चलाया जा रहा है जो कि बीजेपी के खिलाफ चीजें छापते और दिखाते हैं।’
