दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रोफेसर और संघ के पक्ष को टीवी पर रखने के लिए पहचाने जाने वाले राकेश सिंहा ने ट्विटर पर मंगलवार को एक वीडियो शेयर किया। इस वीडियो में कुछ लोग नागपुर जेल के सामने नजर आ रहे हैं। कुछ लोग पिक्चर ले रहे हैं। इस वीडियो को ट्वीट करते हुए राकेश सिंहा ने दावा किया कि दिल्ली विश्वविद्यालय का छात्र उमर खालिद नागपुर जेल जाकर माओंवादी हेम मिश्रा से मुलाकात की। हेम मिश्रा को उम्र कैद की सजा दी गई है। राकेश सिंहा ने ट्वीट पर कथित प्रगितशील लोगों से पूछा कि क्या वो उमर खालिद के सजा प्राप्त माओवादी से इस तरह मिलने पर कुछ बोलेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि अल्ट्रा लेफ्ट और अलगाववादियों का गठजोड़ सामने आ गया है। दरअसल उमर की रिसर्च की विषय बस्तर ही है और इसी विषय पर बोलने के लिए उन्हें रामजस कॉलेज बुलाया गया था जिसके बाद वा दो छात्र संगठनों में संघर्ष जैसी स्थिति बनी गई।

इसके अलावा पिछले दिनों जेएनयू में लगे और कश्मीर और फलस्तीन के लिए आजादी की मांग को लेकर अपने विवादास्पद पोस्टरों के पीछे जिस छात्र संगठन डीएसयू के होने की बात की जा रही है। उमर खालिद उसी छात्र संगठन से जुड़े रहे हैं। उन पोस्टर में दीवारों पर ‘कश्मीर के लिए आजादी…मुक्त फलस्तीन…आत्मनिर्णय का अधिकार जिंदाबाद – डीएसयू’ लिखा हुआ था। उमर खालिद पर पिछले साल जेएनयू में लगे देश विरोधी नारों में शामिल होने को लेकर देशद्रोह का मुकदमा भी चल रहा है। उमर खालिद अक्सर अपनी बातों और कामों को लेकर चर्चा में रहते हैं। पिछले दिनों वीरेंद्र सहवाग भी  उनके निशाने पर आ चुके हैं। खालिद ने ये कहते हुए सहवाग की आलोचना की थी कि वो बीसीसीआई के लिए खेलते हुए और भारत का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं।