लोकसभा में राष्‍ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा में विपक्षी दलों ने सरकार पर जमकर निशाना साधा। मंगलवार को धन्‍यवाद्र प्रस्‍ताव पर जवाब देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पलटवार किया। संसद में हो रही हलचल पर टीवी पत्रकार राजदीप सरदेसाई लगातार ट्वीट करते रहे। पहले उन्‍होंने कहा कि ‘विपक्ष को मोदी के डर से बाहर निकलने की जरूरत है, पीएमओ को भी और विनम्रता दिखानी चाहिए। क्‍या ऐसा संभव है?’ इसके बाद उन्‍होंने कहा, ”विपक्ष प्रधानमंत्री को हर जगह घसीट लेता है, वह (मोदी) उनसे मूर्खों की टोली की तरह पेश आते हैं। लोकतंत्र के लिए सम्‍मान की कमी ठीक नहीं है।” इसके बाद उन्‍होंने निष्‍कर्ष निकालते हुए सत्‍ता-पक्ष और विपक्ष, दोनों को लताड़ लगाई। उन्‍होंने कहा, ”अगर आपने कल खड़गे का भाषण सुना हो तो ऐसा लगता है कि जैसे मई 2014 से पहले भारत में सबकुछ अच्‍छा था, प्रधानमंत्री को सुनकर लगता है कि भारत मई, 2014 में ही शुरू हुआ है।”

राजदीप के इन ट्वीट्स पर लोगों ने उन्‍हें घेर लिया। कई यूजर्स ने कहा कि प्रधानमंत्री का भाषण ठीक था और लोकतंत्री की चिंता उन्‍हें यूपीए शासनकाल में भी करनी चाहिए थी। विस्‍मय ने कहा, ”…और यह सब शुरू किसने किया, प्रधानमंत्री सिर्फ उन्‍हें वापस दे रहे हैं। क्‍या पिछले 15-16 सालों में उनका उपहास नहीं बनाया गया?” मोदी और खड़गे के भाषण पर राजदीप ने जो कहा, उसपर रमेश आचार्य ने लिखा, ‘लेकिन निष्‍पक्ष पत्रकार यह नहीं देख रहे। वे सिर्फ यही देखते हैं कि राजनेता और उनके बेटे क्‍या कर रहे हैं।’ राजदीप के इन ट्वीट्स पर लोगों ने क्‍या कहा, देखिए:

https://twitter.com/ranadr30/status/828881268624404480

https://twitter.com/krizma_k/status/828892229976461313

पीएम मोदी का पूरा भाषण देखें: