प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार (3 मई) को केदारनाथ धाम के दर्शन के लिए पहुंचे थे। दर्शन से पहले मंदिर के अंदर जाने से पहले मोदी को जूते उतारने थे। इसके लिए वह बैठे और जूते उतारने लगे। उसी वक्त एक शख्स आकर जूते उतारने में उनकी मदद करने की कोशिश करता है। लेकिन पीएम मोदी उसको मना करके वहां से हटने को कहते हैं और खुद जूते उतारते हैं। इससे पहले तक कई बार ऐसे फोटोज आते रहे हैं जिसमें कोई नेताओं के जूते उठाता तो कोई पहनाता देखा गया है। इसमें अलग-अलग पार्टी के नेता शामिल हैं।

केदारनाथ मंदिर के बाद मोदी ने पतंजलि रिसर्च इंस्टीट्यूट का उद्घाटन किया था। वह 200 करोड़ की लागत से बना है। वह 5 मंजिला इंस्टिट्यूट 10 एकड़ में फैला हुआ है। उसमें एक बेसमेंट भी बनाया गया है, जिसमें बीमार जानवरों को रखा जाएगा। इसके जरिए दुनिया भर में आयुर्वेदिक दवाओं को मान्यता दिलाने की एक कोशिश की जा रही है। फिलहाल दुनिया भर में आयुर्वेदिक दवाओं को फूड सप्लीमेंट्स माना जाता है, दवा नहीं। इस इंस्टिट्यूट में आयुर्वेदिक दवाओं पर रिसर्च भी किया जाएगा।

इससे पहले केंद्र की मोदी सरकार ‘लाल बत्ती’ पर बैन लगा चुकी है। एक मई से किसी भी वाहन पर लाल या नीली बत्ती लगाने पर पूरी तरीके से प्रतिबंध लगा दिया है। लाल बत्ती कल्चर को खत्म करने के फैसले के बाद पीएम ने मन की बात में भी उसका जिक्र किया था। मोदी ने कहा था कि ‘वीआईपी’ संस्कृति के स्थान पर ‘ईपीआई’ यानी ‘हर व्यक्ति महत्वपूर्ण है’ वाली संस्कृति अपनाई जानी चाहिए।

देखिए केदारनाथ धाम का वह वीडियो