लंदन की रहने वाली एक 27 वर्षीय मुस्लिम मॉडल ने कोर्ट से ये केस जीता लिया है कि मिस यूनिवर्स बनने के लिए वो बिकनी पहनने के लिए बाध्य नहीं है। मुना जुमा मिस यूनिवर्स ग्रेट ब्रिटेन प्रतियोगिता की फाइनलिस्ट हैं। मुना ने अबतक पूरी प्रतियोगित में बिकनी नहीं पहनी है। आगे भी बिकनी ना पहनने के कारण वो डिसक्वालिफाई ना हो जाएं इसके लिए उन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। अब उन्हें कोर्ट से छूट मिल गईं है। मुना काफ्तान पहनकर प्रतियोगिता में हिस्सा लेना चाहती हैं। जिसकी अब उन्हें इजाजत भी मिलती दिख रही है। जुमा दो साल पहले भी प्रतियोगिता में हिस्सा लेना चाहती थी लेकिन बिकनी पहनने के अनिवर्याता को देखते हुए उन्होंने अपना नाम वापस ले लिया था।
अपनी धार्मिक विश्वास को कारण मुना बिकनी पहनने में खुश नहीं थी। इसलिए उन्होंने बिकनी की जगह काफ्तान पहनकर प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। मुना कहती हैं कि , “मैं बीच पर बिकनी पहनने को तैयार नहीं हूं तो मैं प्रतियोगिता में भी पहनने को तैयार नहीं” मिस यूनिवर्स ग्रेट ब्रिटेन, लंदन में आयोजित होने वाली प्रतियोगिता है। इसमें 80 से ज्यादा देशों से महिलाएं भाग लेती हैं और इसकी विजेता सीधे ग्लोबल मिस यूनिवर्स में भाग लेने के लिए क्वालिफाई करती है। मुना एक स्टार्ट-अप कंपनी क्लाउडलेस रिसर्च की को-फाउंंडर हैं। यह संस्था पूर्वी अफ्रीका में बच्चों के प्रति अपराध और गैरकानूनी प्रवास पर काम करती है।
