जम्मू कश्मीर में सेंट्रल रिजर्व पुलिस फॉर्स (सीआरपीएफ) के जवान से मारपीट और बदसलूकी का वीडियो सामने आया था। इसके बाद अब एक नया वीडियो सामने आया है जिसमें सेना की जीप से एक व्यक्ति बंधा हुआ है। बताया जाता है कि बीरवाह क्षेत्र के गुंडपुरा गांव से जब सेना का काफिला गुजर रहा था वहां पर यह वीडियो बनाया गया। हालांकि बताया जा रहा है कि जीप से बांधा गया शख्स पत्थरबाज है। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं है। कुछ लोगों का कहना है कि वह शख्स प्रादेशिक सेना से है और उसे सेना ने डेमो के लिए गाड़ी से बांधा। जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी यह वीडियो ट्वीट किया और आश्चर्य जताया।
वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने इस वीडियो के जरिए गौतम गंभीर पर परोक्ष रूप से हमला बोला। उन्होंने लिखा, ”क्या कोई क्रिकेट/फिल्म हीरो इस घटना की उसी तरह से आलोचना करेगा जब एक सेना के जवान के जवान से बदसलूकी की जाती है?” सागरिका घोष ने तो इस वीडियो सामने आने के बाद गौतम गंभीर को घसीट भी लिया। उन्होंने ट्वीट कर लिखा, ”गौतम गंभीर यदि कभी कश्मीर जाएं तो वे शायद एक दिन पैलेट गन से आंखों की रोशनी करने वाले किशोर के घर पर बिता सकते हैं।”
गौरतलब है कि गौतम गंभीर ने गुरुवार (13 अप्रैल) को तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी। इस मामले को लेकर गंभीर ने लिखा कि सेना के जवान पर पड़ने वाला हर तमाचा 100 जिहादियों की जान के बराबर है। जो आजादी चाहते हैं वह मुल्क छोड़ दें। कश्मीर हमारा है। गंभीर ने एक अन्य ट्वीट में कहा, ”देश विरोधी लोग ये जान लें कि तिरंगे में केसरी रंग- हमारे क्रोध की आग, सफेद- जिहादियों के लिए कफन और हरा – आतंक के खिलाफ घृणा को दर्शाता है।”
Will any cricket/film hero condemn this like we do when an army man is pushed and heckled? https://t.co/vCw0l233gO
— Rajdeep Sardesai (@sardesairajdeep) April 14, 2017
Wonder if @GautamGambhir has ever been to Kashmir…maybe he can spend a day at the home of a teenager blinded by pellet guns https://t.co/HHmgeO7LU0
— Sagarika Ghose (@sagarikaghose) April 14, 2017
गौतम गंभीर को निशाना बनाकर ट्वीट किए जाने के बाद सागरिका घोष को टि्वटर यूजर्स के गुस्से का सामना भी करना पड़ा। श्वेता चौहान नाम की एक यूजर ने लिखा, ”मैं भी कभी कश्मीर नहीं गई वर्ना वे देशद्रोही पैलेट गन से नहीं बल्कि मेरे घूंसों से आंखों की रोशनी गंवाते।” रोहित वली नाम के यूजर ने लिखा, ”यदि आप कभी कश्मीरी पंडित के घर जाती तो हो सकता है एक दिन उनके साथ रहने से आपको पता चल जाता कि उनको कितने जख्म है। लेकिन आप सिकुलर हैं।” सर नाम के यूजर ने लिखा, ”भारतीय सेना पर हमला करने वाले किशोर के साथ उन्हें एक दिन क्यों बिताना चाहिए।” प्राउड इंडियन नाम के यूजर ने लिखा, ”जब हमारे पास ऐसे पत्रकार हैं तो हमें दुश्मनों की जरुरत नहीं। पत्थरबाजों की ओर से फेंके गए पत्थर से मारे गए सैनिक के घर पर एक दिन गुजारिए उसके बाद बात करते हैं।”
https://twitter.com/thecyberbully13/status/852759197921927169
https://twitter.com/shwetaa_chauhan/status/852787820171116544
Wonder if you have been to Kashmiri Pandit's home , may be a day spent with them show u how many scars are there, but you are sickular ..
— BattKott (@Koshurguy) April 14, 2017
when v have journalist like u, we don't need enemies. Spend a day at the house of soldier who died bcz of stone pelting and then let's talk.
— mr adobe?? (@mradobe_) April 14, 2017

