भारत की अंतरिक्ष एजंसी, इंडियन स्‍पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (इसरो) ने बुधवार को रिकॉर्ड 104 सैटेलाइट्स को सफलतापूर्वक लॉन्‍च कर इतिहास रच दिया। 15 फरवरी को छोड़े गए 104 सैटलाइट्स में से भारत के कुल 3 सैटलाइट्स थे, बाकी 101 उपग्रह विदेशी थे। कर्नाटक के श्रीहरिकोटा स्थित लॉन्चिंग सेंटर से इसरो ने पोलर सैटेलाइट लॉन्‍च व्‍हीकल (PSLV) के जरिए कार्टोसैट-2 श्रृंखला के 1 उपग्रह और 103 नैनो उपग्रहों को सटीक ढंग से कक्षा में प्रवेश करा दिया। भारतीय उपग्रहों के साथ गए 101 सहयात्री उपग्रहों में से 96 उपग्रह अमेरिका के हैं। इसके अलावा पांच उपग्रह इसरो के अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों के हैं, जिनमें इस्राइल, कजाखस्तान, नीदरलैंड, स्विट्जरलैंड और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं। इसरो ने रूस का रिकॉर्ड तोड़ा है जिसने 2014 में एक ही मिशन में 37 उपग्रह लॉन्‍च किए थे। इसरो ने अपनी व्यवसायिक शाखा अंतरिक्ष कॉरपोरेशन लिमिटेड के साथ मिलकर साल 1999 से विदेशी सैटलाइट्स को लॉन्च करने का कार्यक्रम शुरू किया था। साल 2016 में इसरो ने अकेले ही दूसरे देशों के 22 सैटलाइट्स लॉन्च किए थे।

इसरो की इस उपलब्धि पर सोशल मीडिया में भारतीय अंतरिक्ष एजंसी की खूब तारीफ हो रही है। ट्विटर पर लोगों ने इसरो की उपलब्धि के बहाने पाकिस्‍तान पर ताने मारे। कई मजेदार तस्‍वीरों के लिए पाकिस्‍तान के अंतरिक्ष कार्यक्रम का मजाक बनाया जा रहा है। कई यूजर्स ने कहां कि ‘पाकिस्‍तान इसरो के 104 सैटेलाइट्स के रिकॉर्ड को तोड़ने के लिए एक ही बार में 105 आतंकी भेजेगा।’ कुछ यूजर्स ने यह भी कहा कि भारतीय अंतरिक्ष एजंसी की इस उपलब्धि पर ‘चीन और पाकिस्‍तान को बर्नेाल की जरूरत पड़ेगी।’

देखें ISRO की उपलब्धि पर ट्विटर यूजर्स ने क्‍या कहा:

https://twitter.com/Padhaku_chora/status/831801011530559489

https://twitter.com/JinhadiPakistan/status/831797512948293632

https://twitter.com/HasnaZarooriHai/status/831797111100416000

https://twitter.com/Eaglesiar/status/831738757514723328

https://twitter.com/HasnaZarooriHai/status/831796198289838081

https://twitter.com/shubham2266/status/831772209588948994

https://twitter.com/mkjaspal/status/831790342252929027

https://twitter.com/krathore2013/status/831788385165508608

हालांकि कुछ लोगों ने पाकिस्‍तान का मजाक उड़ाए जाने को बेवकूफी बताया है। कुछ ट्वीट्स में कहा गया है कि अभी भारत को कई बड़े देशों से मुकाबला करना है, पाकिस्‍तान से आगे बढ़ने की जरूरत है।

पीएसएलवी रॉकेट की यह 39वीं उड़ान है। इसका वजन 320 टन और ऊंचाई 44.2 मीटर है। इसमें इसरो के 2 नैनो सैटलाइट भी भेजे गए। यह रॉकेट 15 मंजिल इमारत जितना ऊंचा है। प्रक्षेपित किए जाने वाले सभी उपग्रहों का कुल वजन करीब 1378 किलोग्राम है।