अपने फेसबुक पोस्ट से चर्चा में आई दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र गुरमेहर कौर (20) ने कहा है कि युवा लड़कों को जमीनी स्तर पर महिलाओं की सुरक्षा के बारे में सिखाना चाहिए। डेक्कन क्रॉनिकल से बात करते हुए गुरमेहर कौर ने कहा कि लिंग असमानता पीढ़ियों से चली आ रही है। इसे खत्म करने की जरुरत है। एक सवाल का जवाब देते हुए गुरमेहर कौर ने कहा कि महिलाएं जिन समस्याओं का सामना कर रही हैं वो कोई नई नहीं हैं। महिलाएं के साथ भेदभाव और दुर्व्यवहार का कई सालों से चला आ रहा है। कौर के मुताबिक अगर हम शेक्सपियर के समय में बात भी करें तब भी महिलाओं को मंच पर एक्ट करने की इजाजत नहीं थी।
कौर ने कहा कि हमें आगे की सोच की जरुरत है। महिलाओं को अपने अधिकारों के लिए सवाल पूछने का हक है। हमें नारीवाद की सोच से बाहर निकलना होगा। साथ ही लड़कों को जमीनी हकीकत पर सिखाना होगा कि लड़कियां उनसे अलग नहीं हैं और न ही वे कमजोर हैं। रामजास के मुद्दे पर सोशल मीडियो को लेकर पूछे गए सवाल पर कौर ने कहा कि, ”मुझे लगता है कि महिलाओं की स्थिति सोशल मीडिया पर बदतर हो गई है। सोशल मीडिया पर लोगों के मन में जो आता है वो कह देते हैं।आमतौर पर उन्हें पता है कि ऐसा करने से कुछ होगा नहीं।” कौर ने आगे कहा कि यह बहुत ही भयानक है कि महिलाओं को सोशल मीडिया पर ट्रोल किया जाता है। वहीं अगर आप मेरे ट्विटर अकांउट को देखेंगे तो आपको कुछ होरीबल कमेंट दिखेंगे।
अगले सवाल के जबाव में कौर में कहा कि मेरी जैसी लड़कियां ऊपरी मध्यम वर्ग परिवारों से आती हैं जहां महिलाओं को आजादी दी जाती है। लेकिन वहीं गांव में आज भी ऐसी महिलाएं हैं जिन्हें सशक्त होने की आवश्यकता है।
बता दें गुरमेहर कौर के एक पोस्ट के बाद विवाद शुरु हुआ था जब कौर ने लिखा कि ‘पाकिस्तान ने मेरे पिता को नहीं मारा बल्कि युद्ध ने मारा’। इस पर सहवाग ने इस तस्वीर की ट्वीट की जिसमें उन्होंने एक तख्ती पकड़ रखी है जिसपर लिखा था, ‘मैंने दो तिहरे शतक नहीं बनाए, मेरे बल्ले ने बनाए।’
इसके बाद इस मामले में ओलंपिक चैंपियन योगेश्वर दत्त, रणदीप हुड्डा और फोगाट बहनें भी इस मामले में डीयू स्टूडेंट गुरमेहर कौर के पोस्ट की आलोचना कर चुके हैं। वहीं क्रिकेटर गौतम गंभीर समेत कई लोगों ने गुरमेहर कौर का समर्थन किया था।
