उत्तर प्रदेश में फ्रांस मूल का एल्बर्ट पासकल ड्रग केस में अपनी सजा काट रहा है। वह 2014 से ही जेल में है। इसी दौरान नए साल के मौके पर एल्बर्ट ने अपनी कला का प्रदर्शन किया है जो काफी वायरल हो रही है। एल्बर्ट ने लकड़ी का ताज महल बनाया है जिसे जिला पुलिस ने भी शोकेस में सजा रखा है। ताज महल माचिल की तीलियों से बनाया गया है। एक खबर के मुताबिक इसे बनाने में लगभग 30 हजार माचिस की तीलियों और दो किलो फेवीकॉल का इस्तेमाल किया गया था। एल्बर्ट ने यह ताज महल 3 महीने में बनायाा है।

एल्बर्ट ने यह ताज महल अपनी पत्नी को नए साल के मौके पर तोहफा देने के लिए बनाया है। वह इसे अपनी पत्नी को देना चाहता है। वहीं खबर के मुताबिक जेल प्रशासन उसकी इच्छा पूरी करने की कोशिश कर रहा है। एल्बर्ट का एक दोस्त उससे मिलने के लिए भारत आया था और अब पुलिस उसके हाथों ही ताज महल एल्बर्ट की पत्नी को भेजेगी। टाइम्स ऑफ इंडिया की इस खबर के मुताबिक एल्बर्ट 2014 में भारत-नेपाल बॉर्डर से 3 किलोग्राम चरस के साथ पकड़ा गया था।

पकड़े जाने के बाद 2 दिसंबर 2014 से एनडीपीएस ऐक्ट के तहत गोरखपुर में सजा काट रहा है। एल्बर्ट एचआईवी की बीमारी से भी जूझ रहा है जिसकी दूसरी स्टेज में वह पहुंच चुका है। खबर के मुताबिक जेल प्रशासन ने भी उसके लकड़ी के ताज महल बनाने की इच्छा को पूरा कराने में मदद की। एल्वर्ट को वे सारा सामान दिया गया जिसकी उसे ताज महल बनाने में जरूरत थी।