पाकिस्‍तान द्वारा परमाणु-संपन्‍न बाबर-3 क्रूज मिसाइल के लॉन्‍च के कुछ ही घंटों बाद उसकी प्रमाणिकता संदेह के घेरे में आ गई है। मंगलवार को आई रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्‍तान ने लॉन्‍च वीडियो में फर्जीवाड़ा किया है। मिसाइल विशेषज्ञों ने तकनीकी सबूत सामने रखकर दावा किया है कि पाकिस्‍तान ने फर्जी मिसाइल वीडियो जारी किया है और मिसाइल की उड़ान दिखाने के लिए कंप्‍यूटर ग्राफिक्‍स का सहारा लिया। पठानकोट के एक सैटेलाइट इमेजरी एनालिस्‍ट ने कई ट्वीट्स में दावा किया कि पाकिस्‍तान ने स्‍वदेशी बैकग्राउंड पर कंप्‍यूटर द्वारा बनाई गई मिसाइल की तस्‍वीर इस्‍तेमाल कर दिखाया कि बाबर-3 का लॉन्‍च सफल रहा। भारत के भी कई रक्षा विशेषज्ञों ने पाकिस्‍तानी सेना द्वारा जारी किए गए वीडियो को कंप्‍यूटर-जनित बताया है। वीडियो में मिसाइल का रंग सफेद से नारंगी हो जाता है। कई विशेषज्ञों ने मिसाइल की स्‍पीड को बहुत ज्‍यादा बताया है।

पाकिस्‍तान के इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) के डायरेक्‍टर जनरल, मेजर जनरल आसिफ गफूर ने मिसाइल लॉन्‍च की जानकारी ट्विटर पर दी थी। ISPR के डीजी ने कहा था कि मिसाइल की रेंज 450 किलोमीटर है। पाकिस्‍तान का दावा था कि ‘मिसाइल को हिंद महासागर में एक गुप्‍त स्‍थान से छोड़ा गया था। यह पानी के भीतर, गतिमान प्‍लेटफॉर्म से छोड़ी गई और ठीक निशाने पर लगी।’ बाबर-3 जमीन से लॉन्‍च की जा सकने वाली क्रूज मिसाइज बाबर-2 का उन्‍नत संस्‍करण है, जिसका दिसंबर में सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया था।

पिछले साल, पाकिस्‍तान ने कहा था कि वह भारत द्वारा एंटी-बैलिस्टिक मिसाइलों के परीक्षण को लेकर ”बेहद सतर्क” है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 15 मई को भारत ने देश में डिजाइन किए गए एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल सिस्‍टम का परीक्षण किया था जो एक परमाणु मिसाइल को ट्रैक कर सकता है।