कांग्रेस के उपाध्‍यक्ष राहुल गांधी ने पार्टी के 133वें स्‍थापना दिवस पर मुख्‍यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। अपने भाषण में उन्‍होंने कहा कि ”कांग्रेस पार्टी का इतिहास एक विचार और एक आंदोलन का इतिहास है। कांग्रेस का भारत से, भारत के लोगों से सांझे दर्द का रिश्ता है: हमारे दर्द सांझे हैं, हमारे सपने सांझे हैं, हमारी डेस्‍टि‍नी सांझी है।” बुधवार सुबह अपने संबोधन में उन्‍होंने इक़बाल का एक शेर पढ़कर कांग्रेस की यात्रा का मकसद समझाया। उन्‍होंने कहा, ”हमारी इस यात्रा का क्या मकसद है? इकबाल के शब्दों में: सितारों के आगे जहां और भी हैं, अभी इश्क़ के इम्तिहां और भी हैं” राहुल के इस बयान को आधिकारिक ट्विटर हैंडल से भी ट्वीट किया। जिस पर यूजर्स ने इकबाल के शेर को मजाकिया अंदाज में ढाला और चुटीले जवाब दिए। राहुल के ऊपर बने एक ट्रोल अकाउंट से ट्वीट किया गया, ”सितारों के आगे जहां और भी हैं, अभी इश्क़ के इम्तिहां और भी हैं, कांग्रेस को जड़ से मिटाऊंगा, अभी 2-3 राज्यों में सरकार और भी है”

राहुल ने यहां कांग्रेस के स्थापना दिवस के मौके पर पार्टी मुख्यालय में संवाददाताओं से कहा, “मोदीजी ने देश के 50 परिवारों और एक प्रतिशत अत्यंत धनवान लोगों के लिए के लिए नोटबंदी ‘यज्ञ’ किया है।” राहुल ने कहा, “कई लोगों को इसके कारण परेशानी झेलनी पड़ी है। सरकार को इस नुकसान की भरपाई करनी चाहिए।” राहुल ने प्रधानमंत्री मोदी से आठ नवंबर को 500 और 1,000 रुपये के पुराने नोटों को अमान्य घोषित करने के बाद से अब तक बरामद किए गए कालेधन का खुलासा करने को कहा।

यूजर्स ने राहुल के ट्वीट पर दिए चुटीले जवाब:

https://twitter.com/yugpurushg/status/813978677444755456

https://twitter.com/rishitakod/status/813979604285276160

https://twitter.com/Delhi_Tweeter/status/813986277330558976

https://twitter.com/const_variable/status/813979566356201472

 

राहुल ने कहा, “मोदीजी को स्पष्ट करना चाहिए कि आठ नवंबर के बाद से कितना कालाधन बरामद हुआ है।” उन्होंने पूछा, “देश को कितना आर्थिक नुकसान हुआ है? और कितने लोगों की जान चली गई?” राहुल ने प्रधानमंत्री पर हमला बोलते हुए कहा, “मोदीजी को उन लोगों की सूची का भी खुलासा करना चाहिए, जिन्होंने आठ नवंबर से दो महीने पहले अपने बैंक खातों में 25 लाख रुपये से ज्यादा जमा कराए हैं।”

राहुल ने बुधवार को कहा, ”मोदीजी ने 8 नवंबर को कहा कि वह भ्रष्टाचार और कालाधन के खिलाफ एक यज्ञ कर रहे हैं, लेकिन यह नोटबंदी यज्ञ 1 प्रतिशत रईसों के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हर यज्ञ में किसी ना किसी की बलि चढ़ती है और इस यज्ञ में आम आदमी की बलि चढ़ रही है। कांग्रेस आपको सुन रही है, समझ रही है। उसने आपको समझाया कि आजादी का मतलब क्या होता है।”