जाने-माने कम्पोजर, संगीतकार केजे येसुदास ने महिलाओं के जींस पहनने को लेकर कमेंट करने के बाद अब युवाओं के बीच चल रहे सेल्फी ट्रंड पर निशाना साधा है। वह सेल्फी को लेकर चल रहे ट्रेंड से संतुष्ट नहीं है। 77 साल के केजे येसुदास ने कहा कि वह सेल्फी के लिए पुरुषों और महिलाओं के एक-दूसरे के करीब आने की प्रवृति से सहमत नहीं है। वन इंडिया मलयालम की रिपोर्ट के मुताबिक गीतकार ने कहा कि 1980 से पहले महिलाएं खुद आगे कर अपनी फोटो खींचवाने के लिए नहीं कहती थी, जो कि उनकी गरिमा और शिष्टाचार को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यहां तक कि जब कोई किसी महिला को अपनी पत्नी या बेटी कह कर लोगों से मिलवाता है तो सामने वाला शख्स उससे दूरी बनाकर रखता है।

के जे येसुदास ने अपने पर सफाई देते हुए कहा कि वह किसी की आलोचना नहीं कर रहे हैं, यह उनका अपना विचार है। मुझे महिलाओं के फोटो खींचवाने से कोई दिक्कत नहीं है लेकिन सेल्फी के लिए उनके एक-दूसरे के करीब आकर फोटो क्लिक कराना उन्हें ठीक नहीं लगता है। कथित तौर यह बयान उन्होंने मलमयालम डेली मातृभूमि को दिए इंटरव्यू में कही। उनके इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल उठने लगे हैं।

गौरतलब है कि येसुदास इससे पहले साल 2014 में महिलाओं के जींस पहनने को लेकर भी बयान दे चुके हैं। जिसके लेकर काफी विवाद हुआ था। महिला संगठनों ने उनके इस बयान का विरोध किया था। मशहूर गायक के जे येसुदास ने महिलाओं के जींस पहनने का विरोध करते हुए कहा था कि यह भारतीय संस्कृति के खिलाफ है। उन्होंने कहा, ‘जींस पहनकर महिलाओं को दूसरों के लिए समस्या पैदा नहीं करना चाहिए.. जो ढंकने लायक है उसे ढंका जाना चाहिए।’ इस तरह की पोशाक भारतीय संस्कृति के खिलाफ हैं, जिसमें सादगी एवं सौम्यता को महिलाओं के सबसे बड़े गुणों में गिना जाता है। उनके इस बयान पर बॉलीवुड एक्ट्रेस नेहा धूपिया ने कहा था कि मैं महसूस करती हूं कि खोट महिलाओं के इस पहनावे में नहीं, बल्कि उस व्यक्ति की सोच में होती है जो उनके कपड़ों के बारे में टिप्पणी करता है। लिहाजा इस सोच को दुरस्त किया जाना चाहिए।