सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म Snapchat के सीईओ इवन स्‍पीगल के बयान पर विवाद हो गया है। ट्विटर पर भारतीय यूजर्स ने स्‍पीगल और स्‍नैपचैट के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। स्‍पीगल ने कथित तौर पर कहा था कि ‘स्‍नैपचैट भारत जैसे गरीब देशों के लिए नहीं है।’ अमेरिका में स्‍नैपचैट के खिलाफ उसके एक पूर्व कर्मचारी द्वारा दायर कानूनी मामले को लेकर छपी एक रिपोर्ट में स्‍पीगल का यह अपुष्‍ट बयान आया है। पूर्व स्‍नैपचैट कर्मचारी एंथनी पोम्पिलानो ने अपने केस में दावा किया कि स्‍पीगल ने एक बार कहा था, ”यह एप केवल अमीरों के लिए है… मैं इसे भारत और स्‍पेन जैसे गरीब देशों तक नहीं फैलाना चाहता।” यह रिपोर्ट सामने आते ही सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म्‍स पर भारतीय लगातार स्‍नैपचैट और स्‍पीगल को निशाना बनाए हैं। रविवार को स्‍नैपचट ने कथित तौर इस दावे का जवाब दिया। कंपनी ने कहा, ”यह बकवास है। जाहिर है कि स्‍नैपचैट सबके लिए है। यह पूरी दुनिया में मुफ्त डाउनलोड के लिए उपलब्‍ध है।

स्‍पीगल के बयान के बाद ट्विटर पर #BoycottSnapchat टॉप पर ट्रेंड कर रहा है। लोग तस्‍वीरों, चुटकुलों के जरिए स्‍पीगल को ट्रोल कर रहे हैं। कुछ ट्वीट्स जो कई बार पोस्‍ट हुए हैं, उन्‍हें देखिए:

”जिस देश ने जेम्स बांड को केवल गुटखे के प्रचार के लायक समझा उस देश को स्नैपचैट का सीईओ गरीब बता रहा है।”

”स्नैपचैट वाला हमको गरीब बोल रहा है
वो ये भूल गया जितना उसके देश का रक्षा बजट है, उतने की तो हमने 31 मार्च 2017 को बाइक ही खरीद ली थी…”

”डियर स्नैपचैट जितना तुम्हारा टोटल रेवेनुए है उतने पैसे तो अकेला विजय माल्या लेकर भाग गया”

”अभी अभी स्नैपचैट डाऊनलोड किया है सिर्फ अनइंस्टॉल करने के लिए और वो भी जियो के कनेक्शन से। समझ नहीं आ रहा अमीर हूँ या गरीब।”

https://twitter.com/one_by_two/status/853507125213097984

https://twitter.com/bhaiya_gajodhar/status/853493175801049088

https://twitter.com/mahima_neema/status/853473345261772800

https://twitter.com/Dhruminpatel28/status/853454226776838145

स्नैपचैट का हेडक्वॉटर लॉस एंजिल्स, कैलिफॉर्निया में है। पिछले कुछ दिनों में यह ऐप चलन में आया है। इस इमेज मैसेजिंग ऐप को अबतक 500 मिलियन से ज्यादा बार डाउनलोड किया जा चुका है। इसको 2011 में सैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट ईवान स्पीगल, बॉबी मुर्फी और रेज्जी ब्राउन ने बनाया था।